वो रात जो इंडस्ट्री भूल नहीं सकता : अपनी रवानगी से कुछ घंटे पहले दिव्या भारती ने खरीदा था घर

New Delhi : बॉलीवुड की बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस ने जब इस दुनिया को अलवि कहा तो पूरी इंडस्ट्री शॉक्ड रह गई थी। फिल्म इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेसेस में से एक दिव्या भारती उस समय 22 साल की भी नहीं थीं। इसी उम्र में उन्होंने वो शोहरत हासिल की जो कईयों के लिये सपना हो सकता है। ऐसी लोकप्रियता जिससे किसी को भी जन हो जाये। इंडस्ट्री एक्सपर्ट का मानना है कि अगर दिव्या भारती होती तो वो फिल्म इंडस्ट्री पर राज करतीं। बॉलीवुड की सबसे बड़ी एक्ट्रेस बन जातीं। क्योंकि तीन साल के ही अपने करियर में दिव्या भारती ने जो मुकाम पाया, वह हर कोई हासिल नहीं कर पाता है। दिव्या भारती का जाना भी रहस्य बन कर ही रह गया।

दिव्या भारती ने काफी कम समय में बहुत लोकप्रियता हासिल कर ली। दिव्या भारती ने अपने छोटे से करियर में 12 फिल्मों में काम किया और सारी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर झंडा गाड़ दिये। शाहरुख खान की शुरुआती दो फिल्म दिल आशना है और दीवाना दिव्या भारती के साथ ही थी। सुनील शेट्टी का डेब्यू भी दिव्या भारती के साथ बलवान में हुई थी। उन्होंने दीवाना, शोला और शबनम, रंग, बलवान, दिल आशना है, दिल ही तो है जैसी सुपरहिट फिल्में दी।
दिव्या भारती जब 16 साल की थी तो उनकी साजिद नाडियाडवाला से मुलाकात हुई थी। इन दोनों की मुलाकात फिल्म सिटी में फिल्म शोला और शबनम की शूटिंग के दौरान हुई थी. जब साजिद गोविंदा से मिलने पहुंचे थे। गोविंदा ने ही साजिद और दिव्या की मुलाकात करवाई थी। इसके बाद साजिद ने 15 जनवरी, 1992 को दिव्या भारती के साथ शादी करने का फैसला कर लिया। दिव्या भारती और साजिद नाडियाडवाला की शादी 20 मई, 1992 को हुई थी और दिव्या ने शादी के लिए इस्लाम धर्म कबूल कर अपना नाम सना नाडियाडवाला कर लिया।

दिव्या भारती ने अपनी रवानगी से कुछ घंटे पहले ही मुंबई में एक नया 4 बीएचके फ्लैट लिया। यह खबर उन्होंने अपने भाई कुणाल को भी दी थी। उसी दिन दिव्या भारती शूटिंग कर चेन्नई लौटी। उनके पैर में चोट लगी थी। दिव्या भारती रात को 10:00 बजे मुंबई के पश्चिम अंधेरी, वर्सोवा में स्थित अपार्टमेंट में अपने घर में नीता लुल्ला और उनके पति के साथ थी। तीनों काफी मस्ती कर रहे थे। उसने काफी शराब पी। लेकिन कुछ मिनटों बाद ही दिव्या भारती अचानक से ड्राइंग रूम की खिड़की से गिर गई। इस खिड़की में ग्रिल नहीं लगी हुई थी।

बताते हैं कि दिव्या उस खिड़की की पतली दीवार पर बैठ गई थी और इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह पांच मंजिला इमारत से नीचे गिर गई थीं। मामले की जांच मुम्बई पुलिस ने कई सालों तक की। लेकिन मामले में कई पेंच होने के बाद भी कुछ भी साफ नहीं हुआ। मुम्बई पुलिस ने 1998 में यह केस क्लोज कर दिया।

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