इस बार दो से तीन पहले आयेगा मानसून और दस दिन बाद जायेगा। इससे बहुत फायदा होगा

लॉकडाउन 2.0 के बाद लौट आयेंगे अच्छे दिन, झमाझम गिरेगा मानसून, पहले आयेगा, दस दिन बाद जायेगा

New Delhi : देख में इस साल सामान्य से बेहतर मानसून रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को कहा कि कोविड -19 के कारण लॉकडाउन के बीच पीड़ित हो रहे किसानों के लिए ये खुशखबरी है। भारत में पूरे साल की बारिश का लगभग 70% मानसून में देखने को मिलता है जो आमतौर पर जून में शुरू होता है और सितंबर तक खत्म होने लगता है। देश में चावल, गेहूं, गन्ने और तिलहन की खेती के लिए मानसून महत्वपूर्ण है। भारत में खेती अर्थव्यवस्था के लगभग 15% हिस्से में है और इससे आधे से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है।

अच्छी मानसून से खेती अच्छी होगी और आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी

दिल्ली में मॉनसून आने की तारीख 29 जून के बजाय 27 जून बताई गई है। वहीं मानसून दस दिन देरी से विदा होगा। ये बदलाव जलवायु में आ रहे परिवर्तनों के चलते देखे जा रहे हैं। वहीं केरल में मानसून के 1 जून तक पहुंच जाने की उम्मीद है। चेन्नई के लिए 4 जून, पंजिम 7 जून, हैदराबाद 8 जून, पुणे 10 और मुंबई 11 तारीख को मानसून की शुरुआत होगी।

इधर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी भारत के लिहाज से अच्छी खबर दी है। हालांकि IMF ने आशंका जताई है कि इस साल दुनिया की अर्थव्यवस्था में 90 साल पुरानी महामंदी के बाद की सबसे बड़ी गिरावट आ सकती है। यह उम्मीद भी जताई है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सिर्फ भारत व चीन ही भयंकर मंदी से बचे रहेंगे। आईएमएफ ने 2020-21 में भारत की विकास दर 1.9% रहने का अनुमान लगाया गया है। ऐसा हुआ तो यह भारत की 1991 के बाद सबसे कम विकास दर होगी। रिपोर्ट में यह उम्मीद भी जताई गई है कि जून के बाद कोरोना के केस घटे, तो अगले साल अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होगा और वैश्विक विकास दर 5.8% पर पहुंचेगी। तब भारत की विकास दर 7.4% तक जाएगी।

इस बार दो से तीन पहले आयेगा मानसून और दस दिन बाद जायेगा। इससे बहुत फायदा होगा

आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक के ग्रीष्मकालीन सम्मेलन के पहले दिन मंगलवार को जारी वर्ल्ड इकोनोमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, 1.9% की विकास दर के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। वहीं, चीन की विकास दर 1.2% रहने का अनुमान है। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है। मंगलवार को घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि संक्रमण पर रोक लगाने में लॉकडाउन के प्रभावी नतीजे मिले हैं। प्रधानमंत्री ने करीब 25 मिनट के राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि दूसरे चरण में लॉकडाउन का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने कहा था कि 20 अप्रैल से कुछ इलाकों में छूट भी दी जा सकती है। कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में लगातार बढ़ रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में 1076 पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 11439 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कुल 11439 मामलों में से 9756 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा, 1305 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nineteen − 15 =