अमिताभ बच्चन ने 10 बसों में 250 प्रवासी मजदूरों को गोरखपुर-इलाहाबाद-भदोई भेजा, राशन भी बांटा

New Delhi : उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए अमिताभ बच्चन की बस सेवा शुरू हो गई है। यह पहल उन्होंने माहीम दरगाह ट्रस्ट और हाजी अली दरगाह ट्रस्ट के साथ मिलकर शुरू की है। इसके तहत शुक्रवार को 10 बसें हाजी अली दरगाह से रवाना हुईं। सभी बसों के आगे दोनों ट्रस्ट के नाम और अमिताभ की फोटो वाले बैनर लगाये गये। इन पर लिखा था अमिताभ बच्चन का संदेश- मेरी यही इच्छा सब अपने परिवार के पास पहुंचें।

बसों में सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी तमाम बातों का ध्यान रखा गया है। इनमें मजदूरों के खाने-पीने की व्यवस्था कराई गई है। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए कैपिसिटी से आधे मजदूर ही बिठाये गये हैं। 52 सीट की बस में सिर्फ 25 मजदूरों को ही बिठाया गया।
सभी को हैंड सैनेटाइजर्स और मास्क दिये गये। जरूरत के लिए मेडिकल किट की सुविधा भी बस में मौजूद है। यात्रा करने वाले सभी मजदूर यूपी के लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर और भदोई जैसे जिलों से ताल्लुक रखते हैं। खबर के मुताबिक, अमिताभ बच्चन का ऑफिस पिछले दो महीने से लगातार राहत कार्य में जुटा है। उनकी कंपनी एबी कॉर्पोरेशन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश यादव उनकी ओर से जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं।
यादव हाजी अली ट्रस्ट और पीर मखदूम साहब ट्रस्ट की सहायता से हर दिन 4500 से ज्यादा फूड पैकेट्स हाजी अली दरगाह, एंटॉप हिल, बाबुलनाथ मंदिर, महिम दरगाह, धारावी, सायन 90 फीट रोड, अरब गली, कोसला बंदर और वरली लोटस समेत मुंबई की अलग-अलग जगहों पर बंटवा रहे हैं। बिग बी के ऑफिस ने एक हजार परिवारों के लिए 1000 राशन पैकेट्स भी उपलब्ध कराए हैं, जो हर परिवार के लिए एक महीने तक पर्याप्त होगा। यह सेवा सिर्फ गरीब और जरूरतमंद परिवार के लिए है। इसके अलावा 9 मई से वे और उनकी टीम राशन के 2000 पैकेट्स, 2000 पानी की बोतलें और लगभग 1200 जोड़ी स्लीपर्स उन प्रवासी मजदूरों के लिए हर दिन उपलब्ध करा रहे हैं, जो मुंबई से अपने घर जा रहे हैं।

अमिताभ के ऑफिस ने अलग-अलग एजेंसीज और लोकल अथॉर्टीज के साथ मिलकर अनगिनत मास्क, सैनेटाइजर्स भी बांटे हैं। उन्होंने अस्पतालों, पुलिस स्टेशंस, बीएमसी के ऑफिस और अंतिम संस्कार की जगहों पर 20 हजार से ज्यादा पीपीई किट्स भी दान किए हैं।

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