अभी-अभी: जोरमथांगा ने ली मिजोरम के मुख्यमंत्री पद की शपथ,10 साल बाद सत्ता में हुई जबरदस्त वापसी

NEW DELHI: मिजोरम नैशनल फ्रंट के नेता जोरामथांगा ने आज आइजोल में मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। दरअसल, शपथ ग्रहण समारोह आइजोल में दोपहर 12 बजे आयोजित किया गया। जोरामथांगा ने राज्यपाल को निर्वाचित विधायकों के नाम 13 दिसंबर को ही भेज दिए थे। आपको बता दें कि 10 साल के बाद मिजो नैशनल फ्रंट की सत्ता में वापसी हुई है। 40 सदस्यीय विधानसभा में मिजो नेशनल फ्रंट को 26 सीटें मिली हैं।

जीत के बाद जोरमथांगा ने साफ किया कि वह बीजेपी के एकमात्र विधायक बुद्धधन चकमा को अपने मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करेंगे। एमएनएफ, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राजग और नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस में सहयोगी बने रहेंगे। आपको बता दें कि सत्तारूढ़ कांग्रेस को इस बार 5 सीटों से ही संतुष्ट करना पड़ा। वहीं पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी ने 34 सीटें हासिल कर राज्य में अपनी सरकार बनाई थी।

Mizo National Front leader

मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के लल थनहवला साल 2008 से ही सत्ता में थे। उन्होंने हार के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया हैं। इस चुनाव में लल थनहवला दोनों ही सीटों से इलेक्शन हार गए। मिजोरम में विधानसभा के लिए 28 नवंबर को मतदान हुए थे। ये मतदान पूरे राज्य में 80.05 दर्ज किए गए थे। साल 1986 के बाद से ही मिजोरम में सत्ता कभी कांग्रेस तो कभी एमएनएफ के हाथों में रही हैं। 40 सदस्यीय विधानसभा में 26 सीटें जीतकर मिजो नेशनल फ्रंट ने सत्ता में धाकड़ वापसी की हैं।

आपको बता दें कि कांग्रेस ने भले ही तीन राज्यों में जीत हासिल की है लेकिन वह पूर्वोत्तर में अपना अहम गढ़ हार गई। साल 2013 विधानसभा चुनाव में एमएनएफ को केवल पांच सीटें प्राप्त हुई थीं, जबकि कांग्रेस ने यहां 34 सीटों पर जीत दर्ज कराई थी। लेकिन इस बार कांग्रेस पांच सीटों पर इस राज्य में सिमट गई। वहीं मिजोरम के दो बार मुख्यमंत्री रहे जोरमथंगा सत्ता में दमदार वापसी की हैं।