चीनी मेजर ने कहा-सिक्किम तुम्हारा नहीं, लेफ्टिनेंट ने ऐसा मुक्का जड़ा, चीनी चारोखाने चित, फव्वारा फूटा

New Delhi : पिछले दिनों नॉर्थ सिक्किम में नाकू-ला के मु्गुथांग में इंडियन आर्मी और चीनी सेना के बीच झड़प की खबरें आईं। अब इस मामले में वेबसाइट द क्विंट ने एक विस्तृत जांच परक रपट लिखी है। रपट में कहा गया है कि हाथापाई के क्रम में भारतीय सेना के युवा लेफ्टिनेंट ने चीन की पीपुल्‍स लिब्रेशन ऑफ आर्मी (पीएलए) के मेजर को इतनी तेज मुक्‍का मारा कि जमीन पर चित होकर गिर पड़ा और उसकी नाक से फव्वारा फूट पड़ा।
यह यंग ऑफिसर इंडियन आर्मी की इंफेन्‍ट्री यूनिट के साथ तैनात है। इस लेफ्टिनेंट ने पिछले हफ्ते चीनी सेना को मुगुथांग में घुसने से रोकने की कोशिश की थी। चीनी सेना के मेजर ने इस लेफ्टिनेंट पर चिल्‍लाते हुए कहा था – यह सिक्किम तुम्‍हारी जमीन नहीं है, यह भारत की सीमा नहीं है। तुरंत वापस चले जाओ।

इस बात पर युवा लेफ्टिनेंट को गुस्‍सा आ गया। वह वापस चीनी मेजर पर चिल्‍लाये और उन्‍होंने कहा – क्‍या सिक्किम हमारी सीमा नहीं है? यह क्‍या बकवास कर रहे हो। इस पर पीएलए के मेजर अपने सीनियर आफिसर की तरफ बढ़े जो कि कैप्‍टन था। इस बीच लेफ्टिनेंट, चीनी मेजर के करीब तक पहुंचे और उन्‍हें जोरदार मुक्‍का जड़ दिया।
चीनी मेजर उस लेफ्टिनेंट के मुक्‍के से तुरंत ही नीचे गिर पड़ा। उसका बैज जिस पर नाम लिखा था वह भी गिर गया था। बाद में लेफ्टिनेंट के बाकी साथियों ने उन्‍हें पीछे खींचा।
वेबसाइट के मुताबिक लेफ्टिनेंट का पूरा परिवार मिलिट्री में है। उनके दादाजी रॉयल और फिर इंडियन एयरफोर्स से रिटायर हुये तो उनके पिता इस समय इंडियन आर्मी के कर्नल हैं। सूत्रों की मानें तो सेना इस लेफ्टिनेंट की बहादुरी से प्रभावित है मगर इस यंग ऑफिसर को बड़े झगड़े के लिए उकसाने का दोषी माना जा रहा है। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे ने भी इस लेफ्टिनेंट से मिलने की इच्‍छा जताई है।
जहां साथ के सीनियर ऑफिसर लेफ्टिनेंट को झगड़े का दोषी बता रहे हैं तो कमांड में सीनियर ऑफिसर लेफ्टिनेंट की पीठ थपथपा रहे हैं। वहीं कोलकाता और सुकना में हेडक्‍वार्टर पर लेफ्टिनेंट को सम्‍मानित करने की तैयारियां चल रही हैं। सीनियर कमांडर्स फिलहाल खराब मौसम की वजह से मुगुथांग नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं लेफ्टिनेंट को अपने किये का जरा भी अफसोस नहीं है। हालांकि वह थोड़ से निराश हैं क्‍योंकि उन्‍हें अब फ्रंट लोकेशन से हटा दिया गया है।

लेफ्टिनेंट हालांकि इस बात पर खुश हैं कि उनके जवान इस बात के लिए उनकी तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्‍होंने चीनी को सही सबक सिखाया। एक सीनियर ऑफिसर की मानें तो लेफ्टिनेंट अब अपने ट्रूप्‍स के लिए हीरो से कम नहीं है। उनका कहना है यंग ऑफिसर काफी दुबले-पतले हैं मगर बहुत ही जोशीले हैं।

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