दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को ला रहे योगी, बोले गडकरी – अकेले नहीं लौटेंगे, कोरोना साथ आयेगा

New Delhi : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath दूसरे राज्यों में फंसे कामगारों और मजदूरों को घर लाने की तैयारी कर रहे हैं। कोटा से हजारों छात्रों को लाने के बाद सीएम योगी ने अधिकारियों को इस काम में लगा दिया है। हालांकि, योगी सरकार के इस कदम से केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari सहमत नहीं हैं। नितिन गडकरी ने कहा – यह सही समय नहीं है। इस समय हमें सतर्कता बरतनी चाहिए। प्रवासी मजदूर अकेले नहीं लौटेंगे, उनके साथ कोरोना भी आयेगा।

अपनी अपनी घरों को जाने के आतुर मजदूर, जरूरतमंद लोग

केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा – मैंने यूपी से सीएम योगी आदित्यनाथ का वह बयान सुना, जिसमें वह बसें चलाने की बात कर रहे हैं। मैं इसके खिलाफ हूं। इस समय हमें ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए। लोगों को लाने का यह सही समय नहीं है। अगर कोई भी कोरोना संक्रमित होता है तो उत्तर प्रदेश में यह बड़ी समस्या हो सकती है।

योगी सरकार की योजना से असहमति जताते हुए नितिन गडकरी ने केंद्र सरकार के पिछले महीने जारी निर्देशों का भी हवाला दिया। केंद्र सरकार ने कहा था कि सभी राज्य लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों के रहने और खाने का इंतजाम करें। जिससे कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सके। कई राज्यों में प्रवासियों को खाना भी खिलाया जा रहा है।
नितिन गडकरी ने आगे कहा – इस समय हर जगह कोरोना वायरस है। अगर प्रवासी लौटते हैं तो वे अकेले नहीं होंगे, उनके साथ कोरोना भी लौटेगा। अगर उन्हें वापस लाया ही जा रहा है तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे कोरोना पॉजिटिव ना हों। फिलहाल स्थिति काफी मुश्किल है इसलिए मेरा मानना है कि प्रवासी जहां हैं, उन्हें वहीं खाना दिया जाना चाहिए और उनके रहने का इंतजाम किया जाना चाहिए।
दरअसल, यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कहा है कि वह दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने को तैयार है। आज 2200 मजदूर बुलाये गये हैं। इस संदर्भ में सीएम योगी ने नोडल अधिकारियों को कहा है कि वे कामगारों की लिस्ट बनाएं और उन्हें वापस लाने की तैयारी करें। योगी सरकार ने शर्त रखी है कि जिन लोगों को वापस लाया जाएगा, उन सभी को 14 दिन तक क्वारंटीन में रहना होगा।

पूरे देश में प्रवासी मजदूरों का एक जैसा हाल है। वे किसी भी तरह जल्दबाजी में अपना घर लौटना चाहते हैं।

इससे पहले योगी सरकार कोटा से लगभग 8000 छात्रों को लाने के लिए 250 से ज्यादा बसें भेज चुकी है। इतना ही नहीं, दिल्ली बॉर्डर पर जमा हो गए हजारों लोगों को लाने के लिए यूपी सरकार ने लगभग एक हजार बसें लगा दी थीं। इस प्रकार कई हजार प्रवासियों को पहले ही सुरक्षित लाया जा चुका है। हालांकि, एनडीए सहयोगी जनता दल यूनाइटेड के मुखिया और बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी योगी सरकार की इस योजना को लेकर असहमति जताई थी।

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