योगी का दावा— कॉरपोरेट कर में कटौती से 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने में मिलेगी मदद

New Delhi: मंदी से गुजरी रही अर्थव्यवस्था की चाल में थोड़ा सुधार लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कॉरपोरेट कर में कटौती की घोषणा के बाद आज उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इससे भारत के लिए $ 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने का मार्ग प्रशस्त होगा, जबकि उत्तर प्रदेश 2024 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार का कॉरपोरेट कर में छूट देने का फैसला ऐतिहासिक है। पहले कंपनियों को 30 प्रतिशत कॉर्पोरेट कर का भुगतान करना पड़ता था। अब इसे घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कंपनियों के पास अधिक पैसा और अधिक से अधिक निवेश के अवसर होंगे, जिससे रोजगार सृजन और ज्यादा विकास होगा।

आदित्यनाथ ने आगे कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए व्यापार प्रतिबंधों की वजह चीनी वस्तुओं पर शुल्क बढ़ा है जिससे उनके सामान की कीमतें बढ़ी हैं। करीबन 80 प्रतिशत अमेरिकन और 67 प्रतिशन यूरापियन कंपनियों को चीन से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि चीन में उच्च श्रम लागत की वजह से कई कंपनियां विभिन्न देशों में जा रही हैं। इस तरह से जो निवेश पहले प्रमुखता से चीन में जाया करता था वो अब भारत की तरफ आने वाले है।

योगी ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के विलय करने के फैसले की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बैंकों के विलय पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 2017 में देश में बैंकों की संख्या 27 थी, जो विलय के फैसले के बाद 12 होने जा रही है। आदित्यनाथ ने कहा कि कर दरों पर कटौती से राजस्व संग्रह पर असर नहीं पड़ेगा बल्कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वित्तीय क्षेत्र को केंद्र सरकार के इस फैसले की वजह से बढ़ावा मिलेगा। इसका राज्य में राजस्व संग्रह पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। योगी ने कहा हमने उत्तर प्रदेश में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और राज्य को निवेश के लिए पसंदीदा जगह बनाने के लिए 21 क्षेत्रीय नीतियां बनाई हैं। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश कर दर में कटौती और अमेरिका और चीन के बीच व्यापार यु’द्ध से बड़े लाभ उठा सकता है।