देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे बना रही योगी सरकार, मेरठ से प्रयागराज तक जाएगा गंगा एक्सप्रेस-वे

New Delhi : मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला 596 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे प्रदेश के 12 जिलों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। एक्सप्रेस-वे से ना केवल जिलों में चिकित्सा, शिक्षा सेवा का विस्तार होगा बल्कि पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ेगी।

गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ-दिल्ली के बीच बने 14 लेन एक्सप्रेस के जरिए प्रयागराज को सीधे दिल्ली से तेज गति संपर्क मार्ग से जोड़ेगा। एक्सप्रेस-वे से ना केवल यात्रा के समय में बचत होगी बल्कि इंधन की भी बचत होगी। यूपीडा का दावा है कि एक्सप्रेस-वे से रोजगार का सृजन होगा। कृषि, उद्योग, हैंडीक्राफ्ट, पर्यटन का विकास होगा।

एक्सप्रेस-वे से कृषि उत्पादनों के परिवहन, फूड प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में मदद मिलेगी। दुर्घटनाओं और प्रदूषण में कमी आएगी। चिकित्सा एवं शिक्षा सेवा का विस्तार होगा। दूध, फल और सब्जियां समय पर एक से दूसरे स्थान पर पहुंच सकेगी। डीपीआर तैयार करने में करीब एक वर्ष का समय लगेगा। टेंडर प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के बाद एक्सप्रेस-वे का निर्माण में पांच वर्ष का समय लगेगा, करीब 2024 तक निर्माण पूरा होगा।

मुख्यमंत्री के सामने हुआ प्रस्तुतिकरण
यूपीडा के अधिकारियों और कंसलटेंट एजेंसी ने गत दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष गंगा एक्सप्रेस-वे का प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्यमंत्री ने प्लान में आंशिक संसोधन के साथ डीपीआर बनाने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। उल्लेखनीय है कि गंगा एक्सप्रेस वे मुख्यमंत्री योगी की महत्वाकांक्षी योजना है।
मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे 596 किलोमीटर लंबा होगा। यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। एक्सप्रेस-वे मेरठ जंक्शन के पास स्टेट हाइवे 78 से शुरू होगा, प्रयागराज में झांसी-सहसों मार्ग पर मलवां खुर्द गांव पर समाप्त होगा।