प्रधानमंत्री पद की रेस में कूदे यशवंत सिन्हा, कहा- मैं हर साल दे सकता हूं 2-3 करोड़ रोजगार

New Delhi: विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर चल रही बहस के बीच बीजेपी के बागी नेता यशवंत सिन्हा ने खुद को प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार बताया है।

लोकसभा चुनाव को लेकर मोदी के खिलाफ एकजुट हो रहे विपक्षी नेताओं में कौन सरकार बनने की स्थिति में देश का नेतृत्व करेगा, यह सवाल पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। महागठबंधन के मंच का हिस्सा बन रहे नेताओं में ममता बनर्जी और मायावती के नाम पर भी चर्चा है। इस बीच कोलकाता में 22 दलों के 44 नेताओं के बीच मंच पर मौजूद रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने देश का रोजगार संकट दूर करने वाले प्रधानमंत्री के तौर पर खुद को सबसे प्रबल दावेदार बताया है।

वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने एक टीवी शो के दौरान ये इच्छा जाहिर की है। दरअसल शो में चर्चा के दौरान यशवंत सिन्हा से सवाल किया गया कि देश में हर साल 1.2 करोड़ रोजगार पैदा करना सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है, ऐसे में वह प्रधानमंत्री के तौर पर किस नेता के अंदर यह क्षमता देखते हैं जो इन पैमानों पर खरा उतर सके। इसके जवाबू में यशवंत सिन्हा ने कहा रोजगार के अलाव मैं कहूंगा कि देश में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक हमें लाखों किलोमीटर सड़के बनानी हैं। कृषि क्षेत्र में भी बहुत काम होने हैं और नए शहर बनने हैं।

यशवंत सिन्हा ने कहा कि ये सब काम अगर हम करना शुरू करते हैं तो हर साल सिर्फ सवा करोड़ नहीं, बल्कि 2-3 करोड़ रोजगार पैदा किए जा सकते हैं। लेकिन हम ऐसा कर नहीं कर रहे हैं। इसके आगे उन्होंने सवाल का असल जवाब देते हुए कहा कि हमें ऐसा देखना पड़ेगा जो ये सब करने के लिए तैयार हो।

Yashwant Sinha

सिन्हा ने सवाल किया गया कि प्रधानमंत्री पद की रेस में कौन नेता सबसे करीब है इस पर उन्होंने कहा कि मैं सबसे करीब हूं। इतना ही नहीं यशवंत सिन्हा के बराबर में बैठे सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी भी इस जवाब पर मुस्कुरा गए और उन्होंने कहा कि इस रेस में मैं इनके पीछे सबसे नजदीक हूं।

सिन्हा का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ममता की महारैली के बाद बीजेपी और उनके सहयोगी दल विपक्षी एकजुटता पर पीएम उम्मीदवार का नाम पूछकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि यशवंत सिन्हा ने खुद को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताकर नई बहस को जन्म दे दिया है। इस बयान से विपक्षी दलों में खलबली मच सकती है।