दिल्ली से बाढ़ का खतरा टला, अब और नहीं बढ़ेगा यमुना का जलस्तर

New Delhi : बाढ़ का कहर देश के कई राज्य तो झेल ही रहे हैं लेकिन कुछ दिनों से दिल्ली में यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर चले जाने के कारण बाढ़ का ये खतरा दिल्ली पर भी बनता दिखाई दे रहा था। पिछले पांच दिनों ने यमुना अपने खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही थी। लेकिन अब बुधवार को सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (I & FCD) ने इससे राहत की खबर दी है। विभाग ने कहा कि यमुना का जलस्तर अब और नहीं बढ़ेगा बल्कि आने वाले एक दो दिन में इसके कम होने की उम्मीद है।

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (I & FCD) के वरिष्ठ अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि धीरे-धीरे अब जल स्तर नीचे आ जाएगा। यमुना नदी का जल स्तर 206.60 मीटर पर स्थिर हो गया है और अब और नहीं बढ़ रहा है। यह ध्यान देने योग्य है कि यमुना नदी दिल्ली के छह जिलों से होकर गुजरती है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा होता है। सोमवार को नदी ने खतरे का निशान 205.33 मीटर तक पहुंचा।

हालांकि दिल्ली सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब तक 23 हजार लोगों को, जो यमुना के किनारे बसे हैं, को हटाकर अस्थाई टेंट में भेज दिया गया है। मंगलवार दोपहर को यमुना का पानी मंजनू का टीला और यमुना बाजार तक पहुंच गया। सुरक्षा को देखते हए कश्मीरी गेट के पास के बाजार ‘तिब्बती मार्केट’ को बंद करा दिया गया है तो रिंग रोड तक पानी न पहुंचे इसके लिए मिट्टी से भरे हए कट्टे लगाए गए हैं।

लोहे के पुराने पुल पर वाहनों की आवाजाही तो पहले ही रोक दी गई थी लेकिन ट्रेने चल रही थीं। अब ट्रेनों को भी बंद कर दिया गया है। इस रूट से जाने वाली ट्रेने नई दिल्ली स्टेशन से चलेंगी। बता दें कि हरियाणा में स्थित हथिनी कुंड बैराज से रविवार शाम छह बजे 8,28,072 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया जिससे दिल्ली और नोएडा में पिछले चालीस सालों की सबसे बड़ी बाढ़ आने का ख’तरा पैदा हो गया था।