लेखिका का खुलासा- सुशांत को अजीब आवाजें सुनाई देती थीं, महेश भट्‌ट ने रिया से उसे छोड़ देने को कहा

New Delhi : फिल्म मेकर महेश भट्ट के साथ काम करने वाली राइटर सुहृता सेनगुप्ता ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि महेश भट्ट ने सुशांत की लगातार बिगड़ती मानसिक स्थिति को देखकर कहा था कि यह एक और परवीन बॉबी है। महेश ने ही रिया चक्रबर्ती को सलाह दी थी कि वह सुशांत सिंह का साथ छोड़ दे। सुहृता ने बताया कि महेश की कंपनी में ही वे आखिरी बार सुशांत से मिली थीं।
घटनाक्रम इतनी तेजी से बदला कि सुशांत ने आखिरी के कुछ महीनों से खुद को अपने ही दिमाग में कैद कर लिया था। उस अंधेरे में किसी के भी न पहुंचने के कारण वह उसमें और ज्यादा गहराई तक डूब गया।

पत्रकार सुभाष झा को सुहृता बताती हैं- सुशांत, भट्‌ट साहब के पास सड़क-2 में रोल की संभावना तलाशते हुये आये थे। सुशांत बातूनी थे, वे जल्द ही दोस्त बन गये। उनकी फिल्म के हीरो सूरज से जुड़ी हर बात पर अच्छी पकड़ थी। सुशांत सिनेमा के साथ-साथ क्वांटम फिजिक्स पर भी बोल सकते थे।
सुहृता ने बताया- भट्ट साब ने सुशांत के लगातार परिश्रम के पीछे छिपी उदासी को पहचान लिया था। यह बिलकुल वैसा था जैसा उन्होंने परवीन बाबी में देखा था। उन्हें पता था कि दवा के अलावा इसका कोई इलाज नहीं। सुशांत के तेजी से अवसाद में घिरने के कारण रिया फंस गई थी, उसने पूरी कोशिश की ताकि सुशांत अपनी दवाएं ले, लेकिन सुशांत ने मना कर दिया। बिना दवाओं के सुशांत की हालत और ज्यादा बद्तर होती गई।
सुहृता बताती हैं – पिछले एक साल के दौरान सुशांत ने खुद को बाहरी दुनिया से पूरी तरह से काट दिया था। रिया तब तक उसके साथ थी, जब तक वह निभा सकती थी। एक समय ऐसा आया जब सुशांत को आवाजें सुनाई देने लगीं। उसे लगने लगा था कि लोग उसे मारने की कोशिश कर रहे हैं। एक दिन अनुराग कश्यप की एक फिल्म सुशांत के घर में चल रही थी और उन्होंने रिया से कहा- मैंने कश्यप से एक प्रोजेक्ट के लिए मना कर दिया था। अब वह मुझे मारने के लिये आने वाला है।

इस घटना के बाद ही रिया सुशांत के साथ रहने से डर गई थीं। रिया ने रिश्ता तोड़ लिया। उसके पास और कोई रास्ता नहीं था। भट्‌ट साहब ने उससे कहा था कि अब तुम कुछ नहीं कर सकती। अगर इस रिश्ते में तुम और रहती हो तो तुम्हारी दिमागी हालत भी खराब हो जायेगी। रिया ने सुशांत की बहन के मुंबई आने तक उसे संभाले रखा। सुशांत की बहनों ने भी उसकी मदद करने की पूरी कोशिश की। लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार ही नहीं था। उसने अपनी डिप्रेशन की दवाएं लेना बंद कर दिया था।

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