दुनिया भर में 5 करोड़ लोग डिमेंशिया से पीड़ित, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बचाव के लिए जारी किए दिशानिर्देश

एक तिहाई मामलों में ही इलाज संभव

दुनिया में इस समय लगभग 5 करोड़ डिमेंशिया से पीड़ित हैं ये एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जिसमें व्यक्ति छोटी-सी-छोटी बात भी भूलने लग जाता है। मसलन वो अपना नाम, अपने शहर का नाम भी भूल जाए इसकी पूरी संभावना रहती है। ये एक दिमागी बीमारी है जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं ढ़ूढा जा सका है, ऐसा अमूमन बढ़ती उम्र के कारण होता है।

डिमेंशिया का सबसे सामान्य प्रकार अल्जाइमर है। पहली बार विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ ऐसे दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिनका पालन कर एक व्यक्ति डिमेंशिया से बच सकता है। अगर आप इस बीमारी के शिकार नहीं होना चाहते हैं तो धूम्रपान और शराब से जहां तक हो सके दूरी बना कर रखें । स्वस्थ आहार लेने से इसके बचाव में लाभ होता है जबकि विटामिन की गोलियां खाने से कोई लाभ नहीं होता है।विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि हालांकि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि Brain training इससे बचाव में कारगर साबित होती है हालांकि कुछ अध्ययनों में ये बात सामने आई है कि ये उपयोगी हो सकती है।

सबसे चिंता की बात यह है कि इस बीमारी को ठीक करने का कोई इलाज नहीं है हालांकि ऐसे तरीकें हैं जिनसे इसके खतरों को कम किया जा सके या फिर इस बीमारी के होने की गति को धीमा किया जा सके। बढ़ती उम्र इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण है लेकिन हर बार ऐसा जरूरी नहीं कि बढ़ी उम्र का नतीजा डिमेंशिया हो ही। Genetics भी इसका एक कारण है, विशेषज्ञों का ऐसा कहना है कि जीवनशैली में बदलाव लाकर डिमेंशिया के एक तिहाई मामलों को रोका जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दिए गए दिशानिर्देश-

1‐ व्यायाम- बुजुर्गों और व्यस्कों को हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट व्यायाम करना चाहिए, ये किसी भी तरह का शारीरिक श्रम हो सकता है- साइकिल चलाना, घर में हर दिन के कामकाज या फिर जिम में जाकर की हुई कसरत भी।

2‐ धूम्रपान ना करें- धूम्रपान शरीर और दिमाग दोनों के लिए ही खतरनाक साबित होता है।

3‐ अच्छा खाना खाएं- पौष्टिक आहार लें, जैसे- भरपूर हरी सब्जियां व फल।

4‐ विटामिन की गालियां लेने या ना लेने की चिंता ना करें क्योंकि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि वो डिमेंशिया के खतरे को कम करती हैं।

5‐ ज्यादा शराब पीने से बचें- बहुत ज्यादा शराब पीना खतरनाक साबित हो सकता है, कुछ अध्ययनों में ये बात भी सामने आई है कि कम मात्रा में शराब पीना डिमेंशिया के खतरे को कम कर सकता है हालांकि इसके ज्यादा सबूत नहीं मिले हैं।

6‐ ब्रेन ट्रेनिंग- कुछ अध्ययन ऐसा भी बताते हैं कि दिमाग को चुनौती देने वाले काम डिमेंशिया में कारगर हो सकते हैं, जैसे- crossword और bespoke computer games ।

7‐ सामाजिक बनें- हालांकि इसका कोई सबूत नहीं मिला है कि ये डिमेंशिया को रोकने में कारगर होता है या नहीं। हालांकि दोस्तों के साथ जुड़े रहने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

8‐ एक स्वस्थ व्यक्ति जितना वजन रखें- स्वस्थ रहने के लिए अच्छा आहार लें और साथ ही व्यायाम भी करें ।

9‐ उच्च रक्तचाप से सावधान रहें- ऐसा देखने में आया है कि उच्च रक्तचाप और डिमेंशिया में गहरा संबंध हैं।

10‐ मधुमेह है तो उसका इलाज कराएं- अगर आप मधुमेह की बीमारी से पीड़ित हैं तो उसका इलाज कराएं क्योंकि ये डिमेंशिया की बीमारी से जुड़ा है।

11‐ कोलेस्ट्रॉल है तो सावधान रहें- अगर कोलेस्ट्रॉल हो तो सावधान हो जाएं क्योंकि ये डिमेंशिया के लिए एक खतरा है हालांकि इसके काफी सबूत नहीं मिलें हैं कि कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवाई डिमेंशिया के खतरे को कम करती है या नहीं।

UK में अल्जाइमर के शोधकर्ताओं Dr. Carol Routledge ने इन दिशानिर्देशों का स्वागत करते हुए कहा कि हम अपने genes को नहीं बदल सकते हालांकि इन बातों का ध्यान रखकर हम अपने हित में आने वाली मुश्किलों को जरूर कम कर सकते हैं। Prof. Robert Howard  ने कहा कि अभी हम डिमेंशिया को रोकने या उसे कम करने के इलाज से दशकों दूर हैं ऐसे में बचाव दशकों दूर के इलाज से कहीं ज्यादा बेहतर है।