कानून बनने के बाद भी कोई असर नहीं, मुस्लिम युवक ने 30 रूपये के पीछे दिया पत्नी को तलाक

New Delhi : तीन तलाक बिल संसद के दोनों सदनों में बड़ी खीं’च-तान के बाद पास होकर अब कानुन बन गया है लेकिन इसके बाद भी कानून का कोई असर होता नहीं दिखाई दे रहा है। एक के बाद एक अब भी तीन तलाक के मा’मले सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में अब उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को उसके पति ने मात्र 30 रुपये के पीछे तलाक दे डाला। पत्नी ने बताया कि उसने ये रूपये अपने पति से दवा के लिए मांगे थे।

पीड़ि’ता की मां ने कहा, “मेरी बेटी बीमार पड़ गई थी तो उसने अपने पति से दवा के लिए पैसे की मांग की। सिर्फ इसी वजह से हं’गामा खड़ा करने के बाद उसे तलाक दे दिया गया और उसके ससुराल वालों ने उसे घर से भी नि’काल दिया।”

पी’ड़िता ने कहा, “मैंने तीन साल पहले उससे शादी की थी। जब मैं बीमार हुई तो मैंने दवा के लिए 30 रुपये मांगे। इसे देने के बजाय, उसने (पति) मुझ पर चि’ल्लाना शुरू कर दिया और मुझे ट्रिपल तलाक दे दिया। इसके बाद, उसके परिवार ने मुझे अपने घर से बा’हर कर दिया।” उसने यह भी दावा किया कि उसके दो बच्चों को उससे छीन लिया गया है।

हापुड़ के डीएसपी राजेश सिंह ने कहा, “हमें एक आवेदन मिला है जहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने कुछ दिन पहले उसे ट्रिपल तलाक दिया था। हमने मा’मला दर्ज कर लिया है और जां’च कर रहे हैं। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी”।

मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण), विधेयक, 2019, जो मुस्लिमों में तत्काल ‘ट्रिपल तालक’ को अ’पराधी बनाता है। ये बिल 1 अगस्त को दोनों सदनों में पास होकर कानून बना था। इस कानून के अंतरगत अपराधी को तीन साल की स’जा का प्रावधान रखा गया है।