फिल्म डायरेक्टर की पोस्ट-कंडोम लेकर चले महिलाएं, रे’पिस्ट का साथ दें ताकि ह’त्या ना हो

New Delhi : हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरे’प के बाद जिंदा जला देने की सिहरन भरी खबर ने पूरे देश को हिला दिया था और ये मामला सड़क से लेकर संसद तक में गूंजा। जहां देश भर में लोग रे’पिस्ट्स के खिलाफ सख्त से सख्त कानून की मांग कर रहे हैं वही साउथ के फिल्ममेकर डेनियल श्रवण ने आप’त्त‍िजनक पोस्ट लिखकर सोशल मीड‍िया पर खलबली मचा दी है।

उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि सरकार को रे’प को लीगल करने पर ध्यान देना चाहिए। ब’लात्कार के बाद महिलाओं की हत्या कर दी जाती है और सरकार को कुछ ऐसा प्रावधान लाना चाहिए जिससे बिना हिंसा के रे’पिस्ट रे’प को अंजाम दें।

उन्होंने लिखा म’र्डर एक क्रा’इम है और रे’प करेक्टिव स’जा है। दिशा एक्ट या निर्भया एक्ट से कोई न्याय होने वाला नहीं है। रे’प का एजेंडा अपनी से’क्शुएल जरुरतों को पूरा करना है जो समय और मूड के हिसाब से है और अगर समाज, कोर्ट और महिला संस्थाएं इस क्रा’इम को इग्नोर करती हैं तो वे रे’प के साथ ही साथ एक कदम आगे बढ़कर महिलाओं का म’र्डर कर देते हैं।

उन्होंने इस पोस्ट में आगे कहा था कि 18 साल से अधिक उम्र की लड़कियों को रे’प को लेकर अवगत कराना चाहिए। मतलब उन्हें मर्दों की से’क्शुएल जरुरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तभी ऐसी चीजें होना बंद होंगी। ये बेवकूफी है कि वीरप्पन को मा’र दिया तो त’स्करी बंद हो जाएगी या लादेन को मा’र दिया तो आ’तंकवाद खत्म हो जाएगा। उसी तरह निर्भया एक्ट के सहारे ब’लात्कार को नहीं रोका जा सकता है।

डायरेक्टर ने आगे लिखा, खासकर भारतीय महिलाओं को से’क्स एजुकेशन के बारे में पता होना चाहिए और 18 साल से अधिक उम्र होने के बाद उन्हें अपने साथ कॉनडोम रखने चाहिए। महिलाओं को 100 नंबर मिलाकर पुलिस को मदद के लिए बुलाने की बजाए अपने पास कॉनडोम रखने चाहिए और रे’पिस्ट्स के साथ सहयोग करना चाहिए ताकि वे उनकी ह’त्या ना करें।

उसने आगे लिखा सिंपल सा लॉजिक है। अगर से’क्शुएल इच्छाएं पूरी होंगी तो मर्द औरतों का रे’प नहीं करेंगे। सरकार को ऐसी ही कोई स्कीम पास करनी चाहिए ताकि रे’प के बाद रे’पिस्ट महिलाओं की ह’त्या ना करें।