‘ISIS मॉड्यूल’ के लिए महिला ने बेचे थे जेवर,बेटे का स्कूल से नाम कटवाकर मदरसे में कराया था एडमिशन

New Delhi: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कल यानी 26 दिसंबर को दुनिया के आतंकी संगठन स्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के आतंकवाद मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम का पर्दाफाश किया। आतंक का यह नेटवर्क 3 से 4 महीने में ही तैयार हो गया था। इस नेटवर्क ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी थी। लेकिन कल एनआईए ने 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। एंजेसी का दावा हैं कि ये लोग दिल्ली और उत्तर भारत में विस्फोट करने की योजना बना रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, एनआईए की टीम ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत 16 ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान लखनऊ में हुई छापेमारी में उन्हें आईएस के मॉड्यूल को फंडिंग करने के सबूत मिले। वीरगंज में एक घर पर कल सुबह 4 बजे छापा मारा गया। इस घर में रह रहे तीन भाईयों में से एक की पत्नी और उसके बेटे के कमरे की तलाशी ली। इस दौरान उनके मोबाइल फोन और वहां मौजूद दो लैपटॉप से सारा ट्रांसफर कर लिया गया।

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पूछताछ में महिला ने बताया कि उसने कुछ समय पहले करीब पौने तीन लाख रुपये के जेवर बेचे थे। जेवर से मिली रकम को उसने एक शख्स के जरिए मॉडयूल चलाने वालो को भिजवा दिया। वहीं महिला के देवर ने बताया कि उसका भतीजा पहले लखनऊ के एक नामी स्कूल में पढ़ता था, लेकिन 8वीं के बाद भाभी ने नाम कटवाकर उसका दाखिला मदरसे में करा दिया। दोनों को एक हैंडलर के द्वारा फेसबुक और वॉट्सएप के जरिए जेहादी वीडियो भेजा जाता था।

वहीं एनआईए के महानिरीक्षक आलोक मित्तल ने बताया कि छापेमारी के दौरान देसी रॉकेट लांचर, आत्मघाती जैकेट के सामान और टाइम बम बनाने में प्रयुक्त होने वाली 112 अलार्म घड़ियां मिली हैं। उन्होंने बताया कि हमारे द्वारा बरामद 112 अलार्म घड़ियों से स्पष्ट है कि वह सिर्फ एक नहीं बल्कि बड़ी संख्या में बम बनाने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के विशेष सेल और उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते के साथ मिलकर दिल्ली के जाफराबाद और सीलमपुर में छह जगहों पर जबकि उत्तर प्रदेश में 11 जगहों पर छापेमारी की। उत्तर प्रदेश के अमरोहा में छह, लखनऊ में दो, हापुड़ में दो और मेरठ में दो जगहों पर छापेमारी की गई।