इंसानियत की मिसाल, कूड़ा बीनकर 400 कुत्तों को पालती है प्रतिमा

New Delhi :  खुद झुग्गी झोपड़ी में रहती हैं, कूड़ा-कचरा बीन कर कुछ पैसे कमाती हैं ऐसी मुश्किल जिंदगी के बाद भी अपने कुत्तों को परेशान नहीं होने देती। ये है दिल्ली की रहनेवाली प्रतिमा देवी। 65 साल प्रतिमा देवी के कुत्तों के पीछे महनत देख कर कुछ लोग उनकी मदद के लिए सामने भी आए हैं। लेकिन लोग एक साथ इतने कुत्तों को देख कर अक्सर डर जाते हैं।

एक समय पर कुड़ा-कचरा बीन कर कुछ पैसे कमाती हैं उस्से अपना पेट भी भर लेती थीं और कुत्तों का भी। लेकिन जैसे-जैसे दिन बितते गये कमाई कम होती गई तो कुछ दिन खाली पेट ही बिताने पड़े पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। लेकिन उनकी उम्र 65 की हो चुकी हैं आखिर कब तक वह उनका ख्याल रख पाएंगी, और उन्हें डर है कि उनकी मौत के बाद कुत्ते एक बार फिर आवारा हो जाएंगे।

साउथ दिल्ली साकेत जैसे पोश इलाके के समीप बनी बस्ती में रहने वाली ये महिला अपने टीन और झाड से बने कच्चे से माकन में 200 कुत्तों का पालन पोषण करती है। बाकि के आवारा श्वान खाना मिलने के लालच में प्रतिमा के घर के आसपास ही मंडराते हुए देखे जा सकते है।

प्रतिमा देवी एक शादी शुदा महिला है जिनके 3 बच्चे भी है पर फिलहाल वे अकेले शहर में रहकर ये नेक काम कर रही है। काफी समय से वे आपने पति से अलग रह रही है। एक मीडिया ग्रुप को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया की उन्हें दिल्ली रहकर इन जानवरों की सेवा करने से जो ख़ुशी मिलती है, वो उन्हें कभी भी अपने पति के साथ रहकर भी नहीं मिली। उनके बच्चों ने लाख बार कोशिश करी की वे ये काम छोड़ दे और गांव आकर बस जाये पर वे नहीं मानी। वे आज भी जितना कमाती है सब कुछ इन आवारा कुत्तों की देख रेख में खर्च कर देती है।