ऋषिकेश क्यों है विश्व की योग राजधानी ?

BY NITISH KUMAR,7 MAY,2019 AT 4:20 PM

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने के बाद से ही पूरे विश्व के अलग-अलग शहरों में योगा सिखाने की कक्षा लगायी जा रही है । इसके पहले भी योगा लोगों के  बीच प्रचलित था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र द्वारा 11 दिसंबर ,2014 को 177 देशों की उपस्थिती में 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रुप में मनाए जाने की अधिकारिक घोषणा करने की वजह से लोगों में यह ज्यादा प्रचलित हुआ। 21 जून ,2015 को PM MODI के प्रयासों के फलस्वरुप पूरे विश्व में एक साथ योग दिवस मनाया गया ।

आज योगा सिखाने की केन्द्र विभिन्न शहरों में हैं लेकिन वे कौन से कारण हैं जो” RISHIKESH” को विश्व की योगा राजधानी के रुप में स्थापित करते है आइए 5 सबसे महत्वपूर्ण कारण जानते हैं-़

1.RISHIKESH विख्यात योगा और अध्यात्मिक गुरुओं जैसे की गुरु वशिष्ठ ,आदि गुरु नीलकंठ ,स्वामी शिवानंद, स्वामी दयानंद सरस्वती,श्री श्री रविशंकर ,स्वामी सुखदेवानंद आदि का उपासना स्थल और अध्यात्मिक प्रयोग की जगह रही है । इसकी वजह से यहाँ योगा प्रशिक्षण शिविरों की भरमार है, जो इस शहर को अन्य शहरों से योग के क्षेत्र में अलग बनाता है ।

2.यह शहर भारत की सबसे पवित्र नदी और हिन्दुओं की आस्था की प्रतिक गंगा के किनारे बसी है । ऐसा माना जाता है कि यह शहर अपनी अध्यात्मिक ऊर्जा  गंगा से प्राप्त करती है । विश्व के हजारों योगियों और अध्यात्मिक गुरुओं ने अपना जीवन यहाँ व्यतीत करके RISHIKESH को योगा और अध्यात्म का केन्द्र बनाने में सहयोग किया है।

3.इस शहर की प्राकृतिक स्थिति की वजह से  जैसे की  हिमालय की सुन्दरता की गोद में बसा होना,स्वच्छ जल ,स्वच्छ वायु औऱ प्रदूषण मुक्त होने की वजह से योगा और अध्यात्म के लिए यहाँ अनुकूल पर्यावरणीय दशाएं मिलती हैं ,जो इसे विश्व राजधानी के रुप में स्थापित करने में योगदान देती हैं ।

4. अनुकूल पर्यावरणीय दशाएं होने की वजह से यह जगह विश्व के विभिन्न देशों के पर्यटकों का अाकर्षण का केन्द्र हजारों वर्षों से रहा है । यही कारण है कि अन्य शहरों की अपेक्षा यहाँ पर्यटक ज्यादा आते हैं ।

5. इस शहर में रहने की कोई दिक्कत नहीं है । यहाँ पर आश्रमों की भरमार है जो पर्यटकों के लिए  नि:शुल्क रहने और खाने की व्यवस्था करते हैं । जबकि विश्व के अन्य अध्यात्मिक और योगा केन्द्र वाले शहरों में इस तरह की व्यवस्था नहीं मिलती ।यह भी एक प्रमुख कारण है जो इसे विश्व की योगा राजधानी के रुप में स्थापित करती है ।