हम्पी उत्सव कहाँ मनाया जाता है ? जानिए

NEW DELHI :  दक्षिण भारत सांस्कृतिक रुप से सदियों से समृद्ध रहा है, यही कारण है कि आज भी दक्षिण के शहरों को ऐतिहासिक महलों, जगहों औऱ विरासतों का खजाना माना जाता है । दक्षिण भारत का ही एक राज्य है कर्नाटक जो  HAMPI UTSAV को शताब्दीयों से मनाता चला आ रहा है । यह उत्सव कर्नाटक के प्राचीन विजयानगर राजवंश की यादों को ताजा कर देता है ।प्रत्येक वर्ष नवंबर  माह  के पहले सप्ताह के तीन दिनों तक यह उत्सव मनाया जाता है ।HAMPI मध्यकालीन हिन्दू राज्य VIJYANAGAR SAMRAJYA की राजधानी थी । यह नगर तुंगभ्रदा नदी के किनारे बसी हुई है। इस नगर में मंदिर,महल,तहखाने,जल-खंडहरों की भरमार थी और यह शहर गोल-चट्टानों के टीलों में रचा-बसा था । लेकिन आज के समय में यह शहर ऐतिहासिक विरासतों के खण्ड़हर में तब्दील हो चुका है।

हम्पी में अनेक ऐतिहासिक आश्चर्य हैं जैसे की यहाँ के राजाओं को अनाज,सोने और रुपयों से तौला जाता था और उसे गरीब लोगों में बांट दिया जाता था, रानियों के लिए बने विशाल स्नानगार कमल के आकार के फव्वारों से सुसज्जित होते थे । ये सभी ऐतिहासिक चीजें आज भी पर्यटकों को हम्पी शहर को देखने के लिए बाध्य करती हैं। इस नगर की ऐतिहासिक भव्यता का ही परिणाम है कि यूनेस्कों ने इसे विश्व के विरासत स्थलों की सूचीं में जगह प्रदान की है। इसी प्राचीन शहर की विरासत को याद करने के लिए हम्पी उत्सव का आयोजन किया जाता है । यह उत्सव एक कल्चरल फेस्टीवल है, जिसे विजयानगर साम्राज्य के समय से ही मनायी जा रही है । इस फेस्टीवल मे डांस, संगीत, ड्रामा,पपेट शोज और फायरवर्क जैसे कार्यक्रमों को अलग-अलग राज्यों से आए कलाकारों के द्वारा किया जाता है ।इस उत्सव की सबसे प्रमुख चीज रंग-बिरंगी लाइटों की सजावट के बीच कार्यक्रमों को किया जाना है ।इस उत्सव के माध्यम से आयोजक बीते हुए युग के आकर्षण को वापस लाने का प्रयास करते हैं ।