पैसे खत्म हो गये तो गुफा में लॉकडाउन हो गये छह विदेशी, एक साधु बन गया

New Delhi : ऋषिकेष से ऐसे विदेशियों को पकड़ा गया है जो पैसा खत्म होने के बाद गुफा में जाकर रहने लगे। वे गुफा में ही खाना बना रहे थे और वहीं पर उनका पूरा समय बीत रहा था। सभी विदेशी 24 मार्च से ही गुफा में रह रहे थे। इन विदेशियों में दो यूक्रेन, एक तुर्की, एक अमेरिका और एक फ्रांस और एक नेपाल का नागरिक है। गुफा में तीन लड़कियां और तीन लड़के मौजूद थे।
कोरोना आपदा की मुश्किलों से उत्तराखंड में फंसे विदेशी पर्यटक भी दो-चार हो रहे हैं। शनिवार को लक्ष्मणझूला पुलिस ने छह ऐसे विदेशी पर्यटकों को पकड़ा है, जो पैसे खत्म हो जाने के कारण होटल छोड़कर गुफा में रहे थे। पुलिस ने सभी छह विदेशी पर्यटकों को कोरंटाइन कर दिया है।
लक्ष्मणझूला थाने के प्रभारी राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि, शनिवार को लक्ष्मण झूला थाना पुलिस को कुछ स्थानीय लोगों ने सूचना दी कि नीलकंठ पैदल मार्ग पर गरुडचट्टी के पास आधा दर्जन विदेशी एक गुफा में रह रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी छह विदेशी पयटकों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेकर सभी का लक्ष्मणझूला अस्पताल में चेकअप किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, किसी भी विदेशी में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिले। हालांकि सभी विदेशियों को गुफा से हटाकर स्वर्गाश्रम के लक्ष्मी नारायण मंदिर में क्वारैंटाइन कर दिया गया है।
थाना प्रभारी राकेंद्र कठैत ने बताया कि, पूछताछ में विदेशियों ने बताया कि, वह लोग 24 मार्च तक लक्ष्मणझूला के होटलों में रहे रहे थे। लॉकडाउन शुरू होने के बाद इनके पास पैसे खत्म हो गए। इस पर इन्होंने होटल छोड़ दिया और नीलकंठ मार्ग स्थित इस गुफा में रहने लगे। तब ये सह सभी विदेशी यहीं भोजन बनाकर खा रहे थे। इन्हें पकड़ने वाली टी में उपनिरीक्षक कन्हैया लाल, सुनील कुमार, रितेश कुमार और अनुराग शामिल रहे।
पुलिस के मुताबिक गुफा से जिन विदेशियों को पकड़ा गया है कि, उनमें दो यूक्रेन, एक तुर्की, एक अमेरिका और एक फ्रांस और एक नेपाल का नागरिक है। सभी ने बताया कि, वह पिछले चार महीने से ऋषिकेश में रहे रहे थे। लेकिन पैसे खत्म हो जाने के कारण उन्हें गुफा में शरण लेनी पड़ी।

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