कब और कहां पैदा हुए थे मां-बाप, NPR में सरकार आपसे पूछेगी ऐसे 15 सवाल

New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की जनगणना-2021 की प्रक्रिया शुरू करने और राष्‍ट्रीय जनसंख्‍या रजिस्‍टर (एनपीआर) को अपडेट करने को मंजूरी दे दी है। एनपीआर अपडेशन में असम को छोड़कर देश की बाकी आबादी को शामिल किया जाएगा।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) पर चल रहे घमासान के बीच एनपीआर की प्रक्रिया को मंजूरी ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। विपक्षी दलों की तरफ से एनपीआर को एनआरसी की दिशा में पहला कदम बताया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि एनपीआर और एनआरसी का आपस में कोई लेना-देना नहीं है और न ही इससे किसी की नागरिकता को कोई खतरा है।

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) पहली बार 2010 में तैयार किया गया था। इसके दो प्रमुख उद्देश्य बताए गए थे। पहला- देश के सभी निवासियों के व्यक्तिगत ब्योरे का इकट्ठा करना। दूसरा-ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के 15 साल और इससे ज्यादा उम्र के सभी निवासियों के फोटोग्राफ और अंगुलियों की छाप लेना। 2010 के इस राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को बनाने के लिए 15 बिंदुओं पर डेटा इकट्ठा किया गया था।

1- व्यक्ति का नाम। 2- मुखिया से संबंध 3- पिता का नाम 4- माता का नाम 5- पत्नी/पति का नाम 6- लिंग 7- जन्मतिथि 8- वैवाहिक स्थिति 9- जन्म स्थान 10- घोषित राष्ट्रीयता 11- सामान्य निवास का वर्तमान पता 12- वर्तमान पते पर रहने की अवधि 13- स्थायी निवास का पता 14- व्यवसाय/कार्यकलाप 15- शैक्षणिक योग्यता