महाराष्ट्र में जो हुआ वो भाजपा के गाल पर तमाचा है- कांग्रेस नेता सिद्धारमैया

New Delhi: महाराष्ट्र में भाजपा के किले को भेदने के बाद अब कांग्रेस नेता भाजपा की राजनितिक नीतियों की आलोचना कर रहे हैं। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने महाराष्ट्र में भाजपा के असंवेधानिक तरीके से सरकार बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी हाथ होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस सब के बाद भी राज्य में जो हुआ वो भाजपा के लिए तमाचे जैसा है।

भाजपा के सरकार बनाने के बाद इसे कर्नाटक मामले से जोड़ कर देखा जा रहा था। ऐसे में अब खुद सिद्धारमैया ने महाराष्ट्र की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा “महाराष्ट्र में जो हुआ है वह बीजेपी के मुंह पर तमाचा है। फडणवीस यह जानते थे कि उनके पास बहुमत नहीं है उसके बाद भी उन्होंने शपथ ली जो कि संविधान का उल्लंघन था। नरेंद्र मोदी लोकतंत्र के इस अपमान में समान रूप से शामिल थे, उनका हाथ भी इस मामले में था।”

महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले एक हफ्ते में हुए नाटकीय बदलावों के बाद आखिरकार सरकार बनने पर सहमति बन गई है। सरकार गठन का तीनों पार्टियों (शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस) का रास्ता देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री पद से और अजित पवार के उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद साफ हो गया है। अब किसी भी अड़चन से बचने के लिए तीनों दलों ने तय किया है कि कल यानी गुरूवार को ही उन्हें शपथ दिलाई जाए। इससे पहले आज वो राजभवन में अपनी पत्नी रश्मि के साथ राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने पहुंचे।

उध्दव ठाकरे 28 नवंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पहली बार शिवसेना परिवार का कोई नेता राज्य का मुख्यमंत्री बन रहा है। एनसीपी के महाराष्ट्र प्रमुख जयंत पाटिल ने अगले मुख्यमंत्री के रूप में उध्दव ठाकरे का नाम प्रस्तावित किया था। राज्य में कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोराट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।

वहीं महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधायक पद की शपथ ले ली है। प्रोटेम स्पीकर कालिदास कोलंबकर ने सबसे पहले फडणवीस को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।