सियासी संग्राम/प.बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए महज़ 9 सीटों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की 700+ कंपनियां होंगी तैनात

NEW DELHI: पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा को देखते हुए सातवें चरण के लिए राज्य में केंद्रीय बलों की 700 से ज्यादा कंपनियां तैनात की जाएंगी। यह जानकारी देते हुए पश्चिम बंगाल के विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे ने बताया की यह कदम पिछले हर चरण में मतदान के दौरान हो रही हिंसक घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। आपको बता दें कि बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हो सकें इसके लिए महज 9 सीटों पर 700 से ज्यादा केंद्रीय सुरक्षा बल कंपनियों की तैनाती होगी। हिंसक घटनाओं की वजह से लोगों में अफवाह न फैले, कोई भय ना रहे, शान्ति पूर्ण तरीके से मतदान हो सकें इसके लिए सुरक्षा के और भी कई पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं।

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पश्चिम बंगाल में 19 मई को सातवें चरण में इन 9 सीटों पर डाले जाएंगे वोट- दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर ।

आपको बता दें कि चुनाव के पांचवे चरण में भी राज्य में कई हिसंक घटनाएं हुईं थीं। बावजूद इसके अब तक पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है। मतदान के प्रति जागरूकता और लोगों में चुनाव के प्रति उत्साह का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता हैं।

एक नज़र चुनावी झड़प पर

1. इस रविवार को चुनाव के छठें चरण में भी हिंसा की कुछ घटनाएं सामने आई थी, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता की बांकुरा में पोलिंग बूथ नंबर 1 के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हो गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे । कार्यकर्ताओं में झड़प इस हद तक पहुंच गई थी कि उन्होंने ईंटों से एक-दूसरे पर वार करना शुरू क्र दिया था।

2. पांचवें चरण में बंगाल की बैरकपुर सीट पर सबसे ज्यादा हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। चुनाव आयोग ने बैरकपुर और आरमबाग लोकसभा सीटों के दो बूथों पर हुई वोटिंग को अमान्य करार देते हुए फिर से वोटिंग कराने का भी एलान किया ।
यहां भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह पर हमला हुआ था, जिसमें वह जख्मी हो गए थे। इसी तरह अन्य बूथों पर भी भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की खबरें सामने आई थीं। इस दौरान दर्जनों कार्यकर्ता ज़ख़्मी हुए थे।

3. इससे पहले चौथे फेज में आसनसोल में टीएमसी कार्यकर्ताओं और सुरक्षाबलों में झड़प हुई थी। इस दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने सांसद बाबुल सुप्रियो की कार का शीशा तोड़ दिया था।

4. इसके अलावा तीसरे चरण में बमबारी की खबरें सामने आईं थीं। इस चरण में मुर्शिदाबाद में 56 वर्षीय कथित कांग्रेस समर्थक की टीएमसी समर्थकों द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 60 लोगों पर कार्रवाई हुई थी।

5. इसी तरह दूसरे चरण में अलीपुरदुआर और कूच बिहार में लेफ्ट फ्रंट के उम्मीदवार गोविंदा राय पर हमला किया गया। वहीं पहले चरण के चुनाव में रायगंज के इस्लामपुर में सीपीआई-एम सांसद मो. सलीम की कार पर तोड़-फोड़ की गई थी।

ये तमाम मामले पश्चिम बंगाल की अशांति पूर्ण स्तिथि को बयां करते हैं। इसी गंभीर स्तिथि को देखते हुए बंगाल में पहले भी सुरक्षा बलों की संख्या में इज़ाफ़ा किया गया था । 12 मई को शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की 713 कंपनियों को राज्य में तैनात किया गया था । इसके अलावा भी स्तिथि को देखतें हुए कई सुरक्षा बलों कि तैनाती कि गई थी, परन्तु झड़प के मामलों ने थमने का नाम नहीं लिया ।

बंगाल की इस बदतर हालत को देखते हुए अंतिम चरण की सिर्फ 9 लोकसभा सीटों पर 700 से ज्यादा केंद्रीय सुरक्षा बल कंपनियों के तैनाती की जो व्यवस्था की गई हैं क्या वो अपने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कराने के मिशन में कामयाब हो पाएगी ? इस सवाल का जवाब 19 मई को हम सबके सामने होगा।