कठुआ के’स का निर्णय स्वागत योग्य,अभी भी एक लाख बच्चियों को न्याय की उम्मीद:कैलाश सत्यार्थी

New Delhi: नोबल पुरस्कार विजेता और बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने कठुआ रे’प केस के निर्णय पर ट्वीट करते हुए कहा कि,“मैं अदालत के इस निर्णय का स्वागत करता हूँ।लेकिन अदालत में बच्चियों से सम्बंधित एक लाख से अधिक मामले लंबित हैं,जिनको अभी भी न्याय की उम्मीद है।अब वक्त आ गया है कि ऐसे कृ’त्यों पर जल्द से जल्द सामाजिक और कानूनी रूप से रोक लगनी चाहिए।”

आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर के कठुआ गैंग’रे’प-म’र्डर मामले में पठानकोट की विशेष अदालत ने 3 दो’षियों को उम्रकै’द की सजा सुनाई है जबकि अन्य तीन को 5-5 साल की स’जा हुयी है। उम्रकै’द की सजा पाने वालो में सांजी राम, दीपक खजुरिया और प्रवेश कुमार शामिल हैं। आनंद कुमार, तिलक राज और सुधीर कुमार को 5 -5 साल की स’जा सुनाई गयी है। 8 साल की बच्ची के साथ हुए बर्ब’र गैंगरे’प और फिर ह’त्या पर सोमवार सुबह आये फैसले में 7 में से 6 आ’रोपियों को दो’षी करार दिया गया था। जबकि 1 अन्य आ’रोपी को कोर्ट ने बरी कर दिया था।

गौरतलब है कि अदालत ने मास्टरमाइंड सांझी राम समेत प्रवेश कुमार, असिसटेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, 3 पुलिस वाले दीपक खजुरिया, तिलक राज और सुरेंद्र कुमार को दो’षी करार दिया हैं। एक आ’रोपी विशाल को बरी किया गया है।

दायर हुआ था 15 पन्नों का आरो’प पत्र-