आज करें भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा, सारी मनोकामनाएं होंगी पूर्ण

New Delhi : कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को अशून्य शयन व्रत होता है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु जल में योग निद्रा में चले जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान है। भक्तों की आराधना से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी उनकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति कर देते हैं।

अशून्य शयन व्रत का प्रमाण पद्मपुराण में मिलता है। अशून्य शयन के समय भगवान विष्णु चंद्रमा के उदय होने के बाद जल में योग निद्रा में जाते है। आज चंद्रमा उदय का समय शाम को 6:40 बजे है, इसके बाद भगवान विष्णु जल में योग निद्रा में जाएंगे।

भगवान श्रीहरि लगभग एक माह तक जल में ही निवास करते हैं। आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि यानी 15 अक्टूबर से कार्तिक पूर्णिमा यानी 12 नवंबर तक वे जल में ही शयन करेंगे। इस कारण से कार्तिक मास के स्नान का विशेष महत्व होता है। कार्तिक मास में नदी या सरोवर में स्नान मात्र से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

भगवान विष्णु की क्षीर सागर में माता लक्ष्मी के साथ वाली तस्वीर को पूजा स्थल पर स्थापित करें। फिर उनको जल, अक्षत्, गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। पूजा के दौरान विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। फिर भगवान विष्णु की आरती करें। पूजा के दौरान नीचे दिए गए मंत्र से आरती पूर्व विष्णु स्तुति जरूर करें।