अमेरिकी वकालत समूह का इमरान खान से आग्रह, भारत के साथ दोबारा खोली जाए खोखरापार-मुनाबाओ सीमा

New Delhi: अमेरिकी-आधारित वकालत समूह ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से भारत के साथ खोखरापार-मुनाबाओ सीमा को फिर से खोलने का आग्रह किया है। करतारपुर कॉरिडोर के दरवाजे भक्तों के लिए खोलने पर पाकिस्तान की प्रशंसा जारी है। इन प्रशंसाओं के बीच खोखरापार-मुनाबाओ सीमा को खोलने के लिए इमरान खान से अपील की गई है।

अमेरिकी-आधारित वकालत समूह ने कहा है कि सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन को लेकर इमरान खान “सराहनीय विशालता” दिखाने के लिए बधाई के पात्र हैं। खोखरापार-मुनाबाओ सीमा लाखों हिंदू और मुस्लिम भक्तों के लिए काफी अहम है। इनके दरवाजो खुलने से इन भक्तों के साथ-साथ भारत के साथ पाकिस्तान के संबंधों में मधुरता आएगी।

इस पहल के साकार होते ही दोनों देशों के तीर्थयात्रियों को एक नई शुरूआत करने का अवसर मिलेगा। दोनों देशों की यात्रा को सुविधाजनक बनाया जाएगा। पाकिस्तान के मुस्लिम तीर्थयात्रियों को राजस्थान में दरगाह अजमेर शरीफ और भारत से हिंदू श्रद्धालुओं को बलूचिस्तान प्रांत के हिंगलाज मंदिर में जाने का मौका मिलेगा।

वॉइस ऑफ कराची प्रमुख नदीम नुसरत द्वारा इमरान खान को संबोधित एक पत्र में भारत के साथ खोखरापार-मुनाबाओ सीमा को फिर से खोलने की बात की गई है। संत मोइनुद्दीन चिश्ती और हिंगलाज देवी के लाखों मुसलमानों और हिंदू अनुयायियों की ओर नदीम नुसरत ने पाकिस्तान सरकार से अनुरोध किया है।

1947 में विभाजन के बाद से दोनों देशों में रहने वाले लाखों मुस्लिमों और हिंदुओं को इन दो पवित्र स्थानों पर जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन परेशानियों को दूक करने के लिए इस ओर सार्थक कदम उठाने की अपील की गई है।