कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं आजम खान, कोर्ट ने जारी किया गैर जमानती वॉरेंट

New Delhi: समाजवादी पार्टी के नेता और सांसद आजम खान पर अपराधों की सूची कम होने की बजाए और भी लंबी होती जा रही है। अब तो रामपुर की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वॉरेंट जारी कर दिया है। अब आजम पर कभी भी गिरफ्तारी हो जाने का खतरा मंडरा रहा है।

आजम खान के खिलाफ कोर्ट ने ये वॉरेंट एक केस में पेशी न देने के पर जारी किया है। ये केस आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का है जब 2019 के लोकसभा चुनाव में लोकसभा सांसद आज़म खान और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ समय से ज्यादा प्रचार करने पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई में अखिलेश तो अदालत में पेश हुए लेकिन आजम खान ने पेशी नहीं दी न ही नोटिस का जवाब दिया।

बाद में, पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया और मामले की सुनवाई रामपुर की एक अदालत में हुई जिसने दोनों नेताओं के खिलाफ वारंट जारी किया। सपा प्रमुख को जमानत मिल गई थी लेकिन आजम खान अदालत में पेश नहीं हुए। इससे पहले खान के खिलाफ तीन जमानती वारंट भी जारी किए गए थे।

खान की गिरफ्तारी का वारंट तब जारी किया गया था जब वह कोर्ट के आदेश के बाद भी बीते बुधवार को जिला अदालत के न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे। मामले में अगली सुनवाई 26 नवंबर को है।

बता दें कि इस समय आजम खान और उनके परिवार पर 80 से ज्‍यादा के’स दर्ज हैं। इसमें सबसे महत्‍वपूर्ण रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन ह’थियाने से जुड़े हैं। खान जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी हैं। इस यूनिवर्सिटी से संबंधित 30 मुक’दमे ढाई महीने के अंदर दर्ज हुए हैं। दस मुक’दमे पहले से ही राजस्व परिषद में विचाराधीन हैं। आजम खान के खिलाफ पिछले ढाई महीने से लगातार मुक’दमे दर्ज कराए जा रहे हैं।

वहीं आजम खान के बड़े बेटे अदीब आजम खान पर जेल की भूमि पर अवै’ध क’ब्जा करने का आ’रोप लगा है। अदीब समेत 37 लोगों पर मु’कदमा दर्ज हुआ है। जिस जमीन को क’ब्जाने का आ’रोप आजम के बेटे पर लगा है वह रामपुर जेल के पीछे स्थित फां’सीघर की जमीन है। कुछ दिन पहले भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर डीएम ने जांच बैठाई थी।