दिल्ली कूच कर रहें UP के नाराज किसानों ने खत्म किया आंदोलन, सरकार ने मानी पांच मांगे

New Delhi : अपनी मंगों को लेकर दिल्ली के तरफ कूच कर रहें किसानों ने आंदोलन को समाप्त कर लिया है। सरकार द्वारा पांच मांगे मान लेने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर लिया है। भारतीय किसान संगठन के अध्यक्ष पूरन सिंह ने बताया कि अगर सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है तब हम फिर से आंदोलन करेंगे। अगर नहीं मानीं गई तब हम फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन खत्म पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। 10 दिन बाद हम पीएम से मिल कर अपनी बातों को रखेंगे।

आपको बता दें कि किसान गन्ने की फसल के बकाया भुगतान, पूर्ण कर्ज माफी और खेती में इस्तेमाल होने वाली बिजली बनाने की अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

लगभग 1500 की संख्या में किसानों ने आज मार्च में हिस्सा लिया हुआ है। सहारनपुर के गन्ने के बेल्ट और उसके आसपास के इलाकों के ज्यादातर किसान हैं। किसानों ने शुक्रवार को नोएडा में भारतीय किसान संगठन और कृषि मंत्रालय के बीच बातचीत का कोई हल न निकल पाने के कारण वि’रोध मार्च आयोजित करने का फैसला किया।

किसान सरकारी प्रतिनिधि के रवैये से खुश नहीं हैं। राजेंद्र यादव, राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी प्रतिनिधि को हमारी मांगों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और वह कुछ भी वादा नहीं कर सकता था।हम केवल यह मांग कर रहे हैं कि हमारा अधिकार क्या है और यह खुद इस सरकार के लिए समझना बहुत मुश्किल हो गया है। आखिरकार हमें वि’रोध का रास्ता अपनाते हुए अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्र’दर्शन करना पड़ रहा है।

पिछले साल भी किसानों ने इसी तरह का वि’रोध प्र’दर्शन किया था। राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश की गई थी। किसानों के इस वि’रोध ने हिं’सक रुप ले लिया था। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए पानी की तो’प और लाठी’चार्ज का सहारा लिया था। पूरे देश भर में इस वि’रोध-प्र’दर्शन की काफी निंदा हुई थी। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर किसानों पर ह’मला किया गया था।