उन्नाव के’स: पी’ड़ि’ता की सुरक्षा में लगे 3 पुलिसकर्मी निलं’बित

उन्नाव रे’प पी’ड़ि’ता के की सुरक्षा में नियुक्त दो महिला पुलिस कर्मी सहित तीन पुलिस कर्मियों को नि’लं’बित कर दिया गया है। उन पर ला’परवा’ही का आ’रो’प लगाया गया है। हादसे के वक्त तीनों ड्यूटी से गायब थे।

मालूम हो कि रविवार को उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दु’ष्कर्म का आ’रोप लगाने वाली पी’ड़िता दु’र्घटना की शि’कार हो गई। उसे लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवती का अचानक से इस तरह हा’दसे का शि’कार होना कई तरह के सवालों को खड़ा करता है।

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इस हादसे में युवती की मौसी और मां की मृ’त्यु हो गई। गाड़ी में युवती के साथ उसका वकील भी था। युवती और उसके वकील को गं’भीर चोटें आई हैं। बता दें कि युवती अपने परिवार और वकील के साथ जेल में बंद चाचा से मिलने रायबरेली जेल जा रही थी।

इस मामले में उन्नाव दु’ष्कर्म पी’ड़िता के आ’रोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ ह’त्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा उनके भाई मनोज सिंह सेंगर और आठ अन्य लोगों के खिलाफ के’स दर्ज किया गया है। इन पर ह’त्या के लिए धारा 302,जा’नलेवा ह’मला के लिए 307, जा’न से मा’रने की ध’मकी के लिए 506 और आ’पराधिक ष’डयंत्र रचने के लिए 120 (बी) लगाई है।

आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर भाजपा का विधायक है। अभी तक पार्टी से नहीं निकाला गया है। पार्टी के इस रवैये पर कई समाजसेवी समेत विभिन्न विपक्षी दल भाजपा पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।

इस हा’दसे के बाद युवती और उसके वकील को ट्रा’मा सेंटर केजीएमयू में भर्ती कराया गया है। दु’ष्कर्म का आ’रोप लगाने वाली युवती और उसका वकील दोनों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनकी स्थिति गंभी’र है। युवती के पैर और सिर में फ्रै’क्चर आए हैं। सोमवार को दिन भर मचे बवाल के बाद योगी सरकार ने मामले की जांच सीबाआई से कराने का आदेश दे दिया है। मंगलवार यानि आज सीबीआई से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा।

युवती के परिवार वालों का कहना है कि यह हा’दसा नहीं बल्कि सा’जिश है। वहीं उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह जो दु’ष्कर्म मामले की जांच कर रहे हैं, का कहना है कि, युवती की सुरक्षा में कोई भी लापरवाही नहीं बरती गई है। रायबरेली जाते समय उसके वाहन में जगह न होने के कारण युवती ने सुरक्षा कर्मचारियों से आग्रह किया कि उसके साथ रायबरेली न जाएं। उन्होंने कहा कि यह कोई सा’जिश नहीं है बल्कि हा’दसा है।

युवती के साथ मा’रे गए दो लोग सीबीआई के गवाह थे वहीं वकील भी युवती पक्ष का ही था। यह भी बता दें कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर भले ही जे’ल में बंद हों लेकिन उनकी तरफ से लगातार युवती के परिवार वालों को ध’म’की दी जा रही थी कि वह अपना के’स वापस ले लें।

kaushlendra

सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर लिखने में दिलचस्पी है।गांधी जी का फैन हूँ।समाज में जागरुकता लाना उद्देश्य है।पत्रकारिता मेरा प्रोफेशन है,जुनून है और प्यार भी है।
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