Union budget 2019: क्या महिला वित्त मंत्री के होने से Budget में आएंगे महिलाओं के अच्छे दिन

New Delhi: इस साल फरवरी में मोदी सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था। अब जब देश में दोबारा मोदी सरकार बन गई है तो Budget एक बार फिर से पेश होगा। इस बजट का आवंटन पूरे साल भर का होगा। अंतरिम बजट में महिलाओं के लिए कुछ खास ऐलान नहीं किया गया था। सरकार ने महिलाओं के लिए किए गए काम जरूर गिनाए थे। इस सरकार में देश को एक महिला वित्त मंत्री मिली हैं तो महिलाओं को भी बहुत उम्मीदें होंगी कि बजट में उनके लिए भी कुछ खास जरूर होगा।

मोदी सरकार ने 1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट पेश किया था। अंतरिम Budget इसलिए पेश किया जाता है क्योंकि जब चुनाव होने वाले होते हैं तब नई सरकार के बारे में कुछ पता नहीं होता है। अंतरिम बजट पेश होने से चुनाव होने तक के लिए होता है। भारत में दोबारा से मोदी सरकार बनी है। अब सरकार बजट पेश करेगी जिसमें पूरे एक साल का आवंटन होगा। मोदी सरकार में निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्री बनाया गया है। किसी महिला के वित्त मंत्री बनने से महिलाओं को इस बार के बजट से बहुत उम्मीदें होंगी।

फरवरी में जब अंतरिम बजट पेश किया गया था तब महिलाओं के लिए कोई खास घोषणा नहीं की गई थी। सरकार ने अंतरिम बजट के पेश होने के दौरान बताया था कि हमने साढ़े चार सालों में 6 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन दे दिए हैं और मार्च 2019 तक ये आंकड़ा 8 करोड़ तक पहुंच जाएगा।

अंतरिम बजट मंत्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं को ही हुआ था। मुद्रा योजना के लाभार्थियों में लगभग 70 फीसदी महिलाएं हैं। सरकार ने अंतरिम बजट के दौरान मैटरनिटी लीव की बात भी गिनाई थी कि हमने 26 हफ्तों की लीव का प्रावधान किया है।

इस Budget से उम्मीदें –

सरकार की कुछ योजनाएं ऐसी होती हैं जो सीधे तौर पर महिलाओं को प्रभावित करती हैं। ऐसी योजनाओं में उज्ज्वला योजना सबसे पहले आती है। सरकार ने 5 साल में 8 करोड़ मुफ्त गैस कनेक्शन बांटने की बात कही थी। इस बार पेश होने वाले Budget में क्या इस संख्या को और बढ़ाया जाएगा यह देखना काफी दिलचस्प होगा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कुछ दिनों पहले घोषणा की थी कि वो दिल्ली में मेट्रो, डीटीसी बसों आदि में महिलाओं का सफर मुफ्त कर देंगे। ऐसे में केंद्र सरकार के सामने भी ऐसी कुछ चुनौतियां जरूर होंगी। सरकार इस और क्या करती है यह भी देखने लायक कदम होगा।

2014 में जब नई सरकार बनी थी तब गुजरात मॉडल को देश भर में बताया गया था। उसी मॉडल में बताया गया था कि गुजरात में महिलाएं सुरक्षित हैं। पिछलें कुछ महीनों में बालात्कार, अपहरण आदी के बहुत मामले सामने आए हैं। सरकार इस बजट में अगर महिला सुरक्षा के लिए कुछ विशेष घोषणा करती है तो वो काबिल-ए-तारीफ जरूर होगी।