भ्र’ष्टाचार के आरोप में CBIC के 22 वरिष्ठ अधिकारियों को मिली जबरन रिटायरमेंट

New Delhi: केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसले लेते हुए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के 22 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरदस्ती रिटायर कर दिया है। इन सभी अधिकारियों पर भ्र’ष्टाचार और दूसरे अन्य आ’रोपों के आधार पर रिटायर किया गया है।

जिन अधिकारियों को रिटायर किया गया है वो सुपरिटेंडेंट या फिर एओ रैंके के थे। इनको जनहित में मौलिक नियम 56(जे) के तहत जबरन रिटायर किया गया है। पिछले कुछ महीनों से टैक्स अधिकारियों को जबरन रिटायर किया जा रहा है, ये उसी प्रक्रिया का तीसरा चरण है।

इस बारे में नरेंद्र मोदी ने लाल किले से दिए अपने भाषण में ही संकेत दे दिया था उन्होंने कहा था कि टैक्स ऐडमिनिस्ट्रेशन के कुछ भ्र’ष्ट अधिकारियों ने अपने शक्तियों की दुरुपयोग कर करदाताओं को प्रताड़ित किया होगा। उन्होंने या तो ईमानदार करदाताओं को निशाना बनाया होगा या फिर छोटी-छोटी गलतियों और प्रक्रियागत खामियों पर बड़ी कार्रवाई की होगी।

इससे पहले सरकार ने केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन रिटायर किया था। असल में सरकार ऐसे कदम उठाकर टैक्स से होने वाले राजस्व को बढ़ाना चाहती है ताकि लोग टैक्स देने के लिए आगे आएं और वो तभी होगा जब ऐसे भ्रष्ट अधिकारी सिस्टम में नहीं होंगे।