भोपाल में बैंक यूनियनों की हड़ताल, सरकारी बैंकों के विलय के विरोध में सड़को पर उतरे लोग

New Delhi: अगर आपको सरकारी बैंक में आज कोई काम हैं तो आप नहीं कर पाएंगे। आज सरकारी बैंकों में हड़ताल हैं। दरअसल, विजय बैंक और देना बैंक ऑफ बड़ौदा में प्रस्तावित विलय के खिलाफ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने हड़ताल का आह्वान किया। एक सप्ताह से भी कम समय में यह सार्वजनिक बैंकों दूसरी हड़ताल है। इस कड़ी में प्रस्तावित विलय के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) की हड़ताल के दौरान भोपाल से तस्वीरें सामने आई हैं।

वहीं तमिनलाडु में भी बैंको के कर्मचारी जमकर विरोध कर रहे है। विजया बैंक और देना बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय के फैसले के खिलाफ कर्मचारी का प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक, सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक को मर्ज करने का फैसला लिया है। इस फैसले का बैंक कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। वहीं इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने 8% वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। बैंक कर्मचारी संघों को यह मंजूर नहीं, वेतन वृद्धि नवंबर 2017 से बकाया है। जिसके चलते बैंक कर्मचारी हड़ताल पर है।

UFBU

इस फैसले को ललेकर नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स का कहना है कि बैंकों में पब्लिक का भी शेयर है। इसलिए, सरकार कोई फैसला अपने आप नहीं ले सकती। हमारी मांग है कि सभी पक्षों के बातचीत के बाद फैसला होना चाहिए। वेतन बढ़ोतरी के लिए जो तर्क इंडियन बैंक एसोसिएशन दे रहा है वह कर्मचारी संघों को मंजूर नहीं।

यूनियनों का दावा हैं कि सरकार विलय के जरिये बैंकों का आकार बढ़ाना चाहती है लेकिन अगर सरकार देश के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भी मिलाकर एक कर दे तो भी दुनिया के दस बैंकों में जगह नहीं मिलेगी। आपको बता दें कि सरकार ने सितंबर में सार्वजनिक क्षेत्र के विजया बैंक और देना बैंक का बैंक आफ बड़ौदा में विलय करने की घोषणा की थी। सरकार का दावा था कि इससे देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक अस्तित्व में आएगा। वहीं इस पर नेशनल आर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स के उपाध्यक्ष अश्विनी राणा ने कहा कि वेतन संशोधन नवंबर, 2017 से लंबित है। अब तक इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) ने वेतन में 8 प्रतिशत वृद्धि की पेशकश की है जो यूएफबीयू को स्वीकार्य नहीं है।