उदित राज बोले-ISRO के वैज्ञानिक नारियल फोड़ने,पूजा-पाठ पर विश्वास करना छोड़ें..तब सफलता मिलेगी

New Delhi : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) इतिहास रचने के करीब ही था कि चंद्रयान- 2 के लैंडर विक्रम का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया। संपर्क टूट जाने के बाद वैज्ञानिकों की मेहनत वहीं बिखर गई। चंद्रयान-2 मिशन पर वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाने के लिए आज पूरा देश एकजुट है। एक ओर जहां सभी नेता ISRO के वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाने में लगे हैं वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता Udit Raj अलग ही राग अलाप रहे हैं।

उदित राज ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि “हमारे इसरो के वैज्ञानिकों ने अगर नारियल फोड़ने और पूजा पाठ के विश्वास के बजाय वैज्ञानिक शक्ति और आधार पर विश्वास करते तो अब तक मिली आंशिक असफलता का मुँह ना देखना पड़ता”

बता दें कि लैंडर विक्रम दो सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो गया था। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम की शनिवार तड़के 1 बजकर 55 मिनट पर लैंडिंग होनी थी। बाद में इसका समय बदलकर 1 बजकर 53 मिनट कर दिया गया था। लैंडर बड़े आराम से नीचे उतर रहा था। लैंडर ने सफलतापूर्वक अपना रफ ब्रेकिंग चरण को पूरा किया और अच्छी गति से चांद की सतह की ओर बढ़ रहा था। उसके बाद उसका संपर्क पृथ्वी से टूट गया।

इसरो के चेयरमैन डॉ. के सिवन ने बताया, ”विक्रम लैंडर योजना अनुरूप उतर रहा था और गंतव्य से 2.1 किलोमीटर पहले तक उसका प्रदर्शन सामान्य था। उसके बाद लैंडर का संपर्क जमीन पर स्थित केंद्र से टूट गया। डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है।”

हालांंकि 978 करोड़ रुपये लागत वाले चंद्रयान 2 के मिशन का अभी सबकुछ खत्म नहीं हुआ है। बता दें कि चंद्रयान- 2 के तीन हिस्से थे- ऑर्बिटर, लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान। अभी भले ही लैंडर विक्रम का संपर्क टूट गया है लेकिन ऑर्बिटर से उम्मीद बाकी है।