अभी-अभी : उद्धव ठाकरे ने साबित किया बहुमत..169 विधायकों ने दिया समर्थन

New Delhi : विधानसभा के विशेष सत्र में महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (शिवसेना-राकांपा और कांग्रेस) सरकार ने 169 वोटों से विश्वास मत (फ्लोर टेस्ट) हासिल किया। कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने सदन में प्रस्ताव पेश किया।

भाजपा ने इस सत्र पर सदन में आपत्ति जताई है और विश्वास मत से पहले उसके 105 विधायकों ने वॉकआउट किया। जबकि 4 अन्य विधायक तटस्थ रहे। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वंदे मातरम् के बिना अधिवेशन कैसे शुरू हो गया? यह अधिवेशन नियमों के खिलाफ है, इसलिए राज्यपाल से सत्र की कार्यवाही रद्द करने की मांग करेंगे। इस दौरान गठबंधन के विधायकों ने उनकी हूटिंग की। भाजपा सदस्यों ने भी नारेबाजी की। गठबंधन ने पूरी उपस्थिति के लिए व्हिप जारी किया था।

वहीं, स्पीकर के पद के लिए कांग्रेस की तरफ से नाना पटोले और भाजपा के किसन कठोरे उम्मीदवार होंगे। इसके लिए रविवार को चुनाव होगा। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने बहुमत साबित करने के लिए उद्धव ठाकरे को 3 दिसंबर तक का वक्त दिया था। गठबंधन में शामिल तीनों दलों के पास 154 विधायक हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 145 है।

पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- यह अधिवेशन नियमों के खिलाफ बुलाया गया है। आज बिना वंदे मातरम् गाए अधिवेशन हो रहा है। इस पर प्रोटेम स्पीकर दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि मंत्रियों की शपथ के बाद राज्यपाल की अनुमति से अधिवेशन बुलाया गया है। भाजपा विधायकों ने भी ‘दादागिरी नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। स्पीकर ने फडणवीस से कहा- आपकी पार्टी से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। इसलिए आप अपने सदस्यों से कहें कि सदन की गरिमा का ध्यान रखा जाए।