सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करेंगी तृप्ति देसाई, सुरक्षा देने पर केरल सरकार ने साधी चुप्पी

NEW DELHI: सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ भारी विरोध के बीच मंदिर एक बार फिर खोला जाएगा। मंदिर के अंदर प्रवेश करने को लेकर भूमाता ब्रिगेड की फाउंडर तृप्ति देसाई ने केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की। अब तृप्ती देसाई ने बताया कि उन्हें अभी तक केरल सरकार से कोई जवाब नहीं मिला है, अगर मंदिर में प्रवेश करते समय उन्हें कुछ भी होता है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

 650 × 487इमेज कॉपीराइट वाली हो सकती हैं. ज़्यादा जानें 21 घंटे पहले Tripti Desai

आपको बता दें कि तृप्ति ने पत्र के जरिए पहले बताया था कि सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद वह 16 से 20 नवंबर के बीच सबरीमाला के मंदिर में जाने की कोशिश करेंगी। जिसके चलते उन्हें केरल आने पर ‘बुरे परिणाम भुगतने’ की धमकियां मिल रही हैं। मंदिर खुलने के दौरान किसी भी तरह का विवाद न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने सभी दलों के साथ बैठक की। बैठक में प्रशासन की तरफ से मंदिर को पूरी तरह किले में तब्दील करने पर विचार किया गया। आधी से ज्यादा पुलिस करीब 21 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होगी।

पुलिस के मुताबिक 16 जनवरी तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। मंदिर परिसर और इसके आसपास के इलाके को 6 सुरक्षा जोन में बांटते हुए आईजी और डीआईजी रैंक के अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर चरण के तहत इन अधिकारियों को भी बदला जाएगा। इसके साथ-साथ महिला पुलिसकर्मियों की भी बड़ी संख्या में तैनाती होगी। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि 28 सितंबर को सुनाए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले में साफ कहा गया कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। इस मामले में सरकार कुछ नहीं कर सकती। हम श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हैं लेकिन हम कोर्ट का आदेश मानने के लिए बाध्य हैं।

वहीं सत्तारूढ़ सीपीएम के राज्य सचिव कोडियारी बालकृष्णन ने कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करेगी। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने देने के अपने आदेश पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया था। सबरीमाला में दो महीने का पर्व 16 नवंबर से शुरू हो रहा है। इस दौरान इस मुद्दे पर विरोध तेज होने की आशंका है।