ट्रंप का ऐलान : इस्लामिक आ’तंकवाद के खिलाफ मिलकर ल’ड़ेंगे भारत और अमेरिका

New Delhi : ह्यूस्टन में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामिक आ’तंकवाद से ल’ड़ने के लिए आवाज बुलंद की और भारत के साथ मिलकर आ’तंकवाद के खिलाफ लड़ने की बात कही। ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका, दोनों देशों के लिए सीमा की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।

साथ ही उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासी एक खतरा हैं। हम चरमपंथी इस्लामिक आ’तंकवाद से निर्दोष लोगों को मिलकर बचाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘हम भारतीय-अमेरिकी लोगों को क’ट्टरपंथी इस्लामी आ’तंकवाद के ख’तरे से बचाने के गर्व से साथ खड़े हैं।’ उन्होंने कहा, अंतरिक्ष में सहयोग बढ़ाने पर हम मिलकर काम कर रहे हैं। रक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देश सहयोग बढ़ा रहे हैं। भारत और अमेरिकी सेनाओं ने हाल ही में साथ में सैन्य अभ्यास भी किया है।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मैं आपके साथ दोनों देशों को और समृद्ध बनाने के लिए काम करना चाहता हूं, भारतीय कंपनियां अमेरिका में हजारों लोगों को नौकरी दे रही हैं। साथ ही अमेरिका में अभूतपूर्व निवेश हो रहा है। भारत भी यहां निवेश कर रहा है और हम भी भारत में ऐसा ही कर रहे हैं।’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के सामने एनआरजी स्टेडियम में कहा कि भारत के साथ हमारे रिश्ते काफी प्रगाढ़ हो चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि भारत व्हाइट हाउस का अब तक का सबसे अच्छा मित्र है। भारतीय प्रधानमंत्री को भी यह बात पता है।’

पीएम मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि हमारे फैसलों से उन लोगों को दिक्कत हो रही है, जिनसे अपना देश संभल नहीं रहा है। पीएम ने कहा कि अमेरिका में 9/11 हो या मुंबई में 26/11 हो, उसके साजिशकर्ता कहां पाए जाते हैं? उन्हें पूरी दुनिया जानती है। अब समय आ गया है कि आ’तंकवाद और आ’तंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाए।”

पाकिस्तान को लताड़ते हुए पीएम मोदी ने कहा, “उन्होंने भारत के प्रति घृणा को अपने शासन का केंद्रबिंदु बनाया है, वे अशांति चाहते हैं, वो आ’तंक को पालते हैं, पोसते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं यहां जोर देकर कहना चाहूंगा कि इस लड़ाई में राष्ट्रपति ट्रंप पूरी मजबूती के साथ आ’तंक के खिलाफ खड़े हैं।” पीएम ने कहा कि देश के सामने 70 साल से एक चुनौती थी, जिसे कुछ दिन पहले भारत ने ‘फेयरवेल’ दे दिया है। ये विषय है अनुच्छेद 370 का।”