ट्रेड वॉर ने पूंजी और सेवाओं को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है : निर्मला सीतारमण

New Delhi: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी चिं’ता जाहिर की है। वाशिंगटन, डीसी में चल रहे विश्व बैंक और अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठकों में वित्त मंत्री ने हिस्सा लिया है।

बैठक के दौरान सीतारमण ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास में संरक्षणवाद किस प्रकार हा’वी हो रही है, उस पर अपने विचार रखे हैं। उन्होंने कहा कि इस बैठक में वह यह देख रही थीं कि वैश्विक मंदी का कारण क्या है।

आज अधिकांश लोग इस बात से चिं’तित हैं कि लंबे समय तक ब्याज दरों में कैसे कमी हो रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि चल रहे व्यापार यु’द्धों ने अ’निश्चिता पैदा की हैं। पूंजी, वस्तुओं और सेवाओं के बहाव को इस अ’निश्चता के जा’ल ने काफी गं’भीर रूप से प्रभावित किया है।

सीतारमण ने वर्तमान आर्थिक मुद्दों पर प्रमुख देशों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बैठक में जो’र देते हुए कहा कि हमें व्यापार एकीकरण को बढ़ावा देना होगा। राजनीतिक अनिश्चितता पर एक साथ मिलकर काम करना होगा। साथ ही कर्ज संबंधित मुद्दों पर फिर से काम करने की सिफारिश की है।

उन्होंने विश्व के विभिन्न नेताओं से अपील की है कि हमें धीमी पड़ती इस वैश्विक रफ्तार को पटरी पर लाने के लिए जल्द ही कोई ठो’स कदम उठाने चाहिए। हमें मंदी के सं’कट की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं है।

सीतारमण ने जी 20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इस बैठक में अंतर्राष्ट्रीय कर व्यवस्था और स्थिर सिक्कों जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।