आम सहमति न बन पाने से राज्यसभा में पेश नहीं हो सका तीन तलाक बिल, अब अगले सत्र में लाएगी सरकार

आम सहमति न बन पाने से राज्यसभा में पेश नहीं हो सका तीन तलाक बिल, अब अगले सत्र में लाएगी सरकार

By: Rohit Pandey
August 10, 09:57
0
New Delhi: मोदी सरकार की तरफ से पेश किए गए तीन तलाक का संशोधित बिल को पास कराने के लिए काफी जोर आजमाइश की गयी, लेकिन अन्त में विपक्षी पार्टियों के सामने सरकार को झुकना पड़ा। अब यह बिल राज्यसभा में अगले सत्र के दौरान पेश होगा।

संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जमकर राजनीतिक दांव-पेच देखने को मिला। मोदी सरकार की तरफ से पेश किए गए तीन तलाक का संशोधित बिल को पास कराने के लिए काफी जोर आजमाइश की गयी, लेकिन अन्त में विपक्षी पार्टियों के सामने सरकार को झुकना पड़ा। अब यह बिल राज्यसभा में अगले सत्र के दौरान पेश होगा।


बता दें, जब शुक्रवार को संसद की कार्यवाही शुरू हुई। उस दौरान कांग्रेस की अगुवाई में सभी विपक्षी दलों ने राफेल का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया और इसको लेकर जबरदस्त हंगामा किया। इसके बाद विपक्षी पार्टियों ने तीन तलाक बिल पेश किए जाने पर विरोध करते हुए ससंद के अंदर और बाहर जमकर हंगामा किया। हंगामे के चलते राज्यसभा को दोपहर 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था, जिसके बाद कार्यवाही शुरू हुई।
वहीं टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि शुक्रवार को प्राइवेट बिलों पर चर्चा होती है। ऐेसे में सरकार तीन तलाक का बिल कैसे ला सकती है। 
बता दें, बीते गुरुवार को मोदी की कैबिनेट ने तीन तलाक के बिल को संशोधित किया था, जिसके बाद ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि इस ससंद के मानसून सत्र के आखिरी दिन इस बिल को पास करा लिया जाएगा, लेकिन विपक्षी पार्टियों के जोरदार हंगामा के कारण बिल पेश नहीं किया गया। 

वहीं राज्यसभा में महाराष्ट्र से कांग्रेसी सांसद हुसैन दलवई ने एक विवादित बयान दे डाला, जो राजनीतिक गलियारों में जमकर गूंजा। दरअसल दलवई ने कहा कि शक के ही आधार पर राम ने भी सीता को छोड़ा था. हर धर्म में पुरुषों का वर्चस्व है तो ऐसे में इस्लाम पर ही सवाल क्यों?

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।