RBI को वापस चाहिए 2000 रुपए के ऐसे नोट, जिसके भी पास हैं वो लौट दें-पूरे 20 हजार रुपए मिलेंगे

RBI को वापस चाहिए 2000 रुपए के ऐसे नोट, जिसके भी पास हैं वो लौट दें-पूरे 20 हजार रुपए मिलेंगे

By: Ravi Raj
July 05, 04:07
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New Delhi : 200 और 2000 रुपए के नोट को बैंकों ने जमा करने और बदलने से इनकार किया है। आरबीआई भी ऐसे नोटों की कोई गारंटी नहीं ले रहा।

लेकिन, फिर भी अगर आपके पास कोई ऐसा नोट है जिसमें गलत प्रिटिंग या फिर कोई कमी रह गई है तो इसकी आपको कई गुना कीमत मिल सकती है।

ऐसे नोट और सिक्कों की बाजार में बड़ी कीमत है। छपाई के वक्त छूट जाने वाले नंबर, सीरीज या फिर कोई चिन्ह अगर नहीं है तो ऐसे नोट आपको मालामाल कर सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई एंटीक करेंसी आपके पास है तो उसकी भी ऊंची कीमत मिलेगी।

10 हजार रुपए का 100 का नोट : 
इकोनॉमिक्‍स टाइम्‍स की खबर के मुताबिक, नेशनल न्यूमिस्मैटिक एग्जिबिशन में देश और दुनिया की नई-पुरानी मुद्राओं की नुमाइश चल रही है। यह नुमाइश ऑल इंडिया फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट सोसयटी की ओर से आयोजित की गई है। इसमें मिंट की तरफ से होने वाली करेंसी एरर (गलत छपाई) वाले नोट और सिक्कों की कीमत काफी ज्यादा है। 100 रुपए के एक नोट जिस पर नंबर नहीं हैं करीब 10 हजार रुपए की कीमत रखता है। ऐसे ही दुर्लभ सिक्के जिसमें दोनों तरफ हेड छपा है उसकी कीमत 3-5 हजार रुपए तक है। सीरीज के मुताबिक, नोट की मूल कीमत से सौ गुना ज्यादा महंगा है।

दुर्लभ गलती का बड़ा दाम : 
न्यूमिस्मैटिक सोसायटी के मुताबिक, कीमत नोट पर निर्भर करती है। जितना दुर्लभ नोट होगा उसकी कीमत ज्यादा होगी। रेयर करेंसी की तरह ही एरर करेंसी का भी बड़ा बाजार है। प्रिटिंग में किसी भी तरह की गलती लाखों नोटों में से एक में होती है। सरकार उस गलती के बदले दूसरे नोट नहीं छापती। कुछ गलतियां ऐसी भी होती हैं जो दोबारा नहीं होती। ऐसे में जितनी दुर्लभ गलती होगी, उस नोट का उतना ही ऊंचा दाम मिलेगा। 

सिक्के के मिल जाएंगे 3 से 5 लाख रुपए : 
भारत में दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान यानी 1939 में 1 रुपए के सिल्वर कॉइन की छपाई बंद की गई थी। उस साल का सिक्का बहुत ही कम लोगों के पास होगा। इसकी कीमत 2 से 5 लाख रुपए तक है। हालांकि, नकली सिक्कों का बाजार भी बड़ा है। इसलिए जरूरी नहीं कि सिक्के की कीमत सिर्फ देखकर लगाई जाती है। एग्जिबिशन में करीब 100 देशों के नोटों और मुद्रा की नुमाइश की जा रही है। इसमें सिक्कों के जरिए दिल्ली का इतिहास भी दर्शाया गया है।

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