मानसून से पहले इस साल पड़ेगा महाअकाल, अभी से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे भारत के 135 जिले

मानसून से पहले इस साल पड़ेगा महाअकाल, अभी से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे भारत के 135 जिले

By: Rohit Solanki
April 16, 13:04
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New Delhi: मौसम विभाग ने भले ही इस साल मानसून के सामान्य रहने का अनुमान जताया है, लेकिन अभी मानसून का समय आने में काफी लंबा वक्त है।

देशभर में गर्मी का दौर शुरू हो गया है और इसके साथ ही भयंकर सूखे जैसे हालात अभी से बनने लगे हैं। दरअसल, पिछले मानसून में कम बारिश होने की वजह से अगले कुछ महीनों में देशभर के कई हिस्सों में लोग पानी के लिए तरसते दिखेंगे।

पिछले साल अक्टूबर से मार्च 2018 के मौसम विभाग के आंकड़ों को देखें तो देश के कुछ हिस्सों में अगले कुछ महीनों में पड़ने वाली भीषण गर्मी से उत्पन्न सूखे के हालात की भयावहता नजर आती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर 2017 से बारिश की स्थिति संतोषजनक नहीं रही। हालात ये हैं कि 404 जिलों में सूखे की स्थितियां बन गई हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, 404 जिलों में से 140 जिलों में अक्टूबर 2017 से मार्च 2018 की अवधि में अत्यंत सूखा करार दिया गया। 109 जिलों में मामूली सूखा, जबकि 156 जिलों में हल्के सूखे की स्थितियां बताई गईं हैं। आईएमडी डेटा से देशभर में 588 जिलों का अध्ययन करने पर पता चलता है कि 153 जिले बेहद सूखी श्रेणी में हैं। यहां बिना पानी के फसलें बर्बाद हो रही है, लोगों को पीने के लिए अभी से पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे अकाल जैसे हालात बन रहे हैं। 

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, हर साल गर्मी के दौरान देश के कई हिस्सों में पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। सर्दियों में होने वाली बारिश में कमी इस साल और खराब स्थिति का सबसे बड़ा कारण है। आईएमडी डेटा के मुताबिक, इस साल जनवरी और फरवरी में पूरे भारत में 63% कम बारिश हुई है। मार्च से 11 अप्रैल तक 31% कम बारिश हुई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, जनवरी से मार्च के बीच लिए गए एसपीआई आंकड़ों में यह दर्शाया गया है कि 472 जिलों में सूखे से ग्रस्त हैं। वहीं, इनमें से 153 जिलों में भीषण सूखे की स्थिति है। ज्यादातर सूखे की स्थिति वाले जिलों में अधिकांश उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में हैं, साथ ही पूर्व में बिहार और झारखंड जैसे कुछ स्थानों में भी सूखे की स्थिति है।

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