दहेज में लिया सिर्फ एक रुपया और नारियल फिर ससुर ने बहू को गिफ्ट की लाखों की कार

New Delhi : महंगे विवाहों और भारी-भरकम दहेज की मांग के बीच राजस्थान में बिना दहेज के शादियों का चलन बढ़ रहा है। हाल ही में राजस्थान के सीकर जिले में हुए एक अनूठे विवाह से समाज को नई दिशा मिली है। जेरठी गांव में रहने वाले एक पिता ने अपनी बेटी की शादी बगैर किसी दहेज के कर मिसाल पेश की है।

हालांकि इसमें उतनी ही भूमिका वर पक्ष की भी है, क्योंकि पिता की बजाए ससुर ने उपहार स्वरूप अपनी बहू को कार भेंट की है। जेरठी गांव के डालसिंह की बेटी हर्षिता और गोठडा गांव के राजेन्द्र भूकर के बेटे विक्रम की शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। विक्रम ने शादी में दहेज के रूप में सिर्फ एक रुपया और नारियल लिया। उनके पिता राजेंद्र भूकर सरपंच हैं। विक्रम ने दहेज नहीं लेने का संकल्प ले रखा था और उसे बखूबी पूरा किया।

वहीं, ससुर राजेंद्र भूकर ने अपनी बहू हर्षिता को कार भेंट की उदाहरण पेश किया। वर पक्ष ने खुद ठुकराया दहेज का प्रस्ताव : उधर, सीकर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामचंद्र सिंह खींचड़ ने भी अपनी बेटी की शादी बिना दहेज के की। उनकी बेटी डॉ. स्वाति की शादी झुंझुनूं के बहादूरवास के डॉ. रविंद्र जानू से हुई।

डॉ. जानू के परिवार ने दहेज के प्रस्ताव को पूरी तरह नकार दिया। स्वाति और रविंद्र दोनों ही सरकारी चिकित्सक हैं। डॉ. रविन्द्र दिल्ली के डॉ. आम्बेडकर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं। वहीं, डॉ. स्वाति झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में पीजी कर रही हैं।