जानें कब किया गया था बैंकों का राष्ट्रीयकरण,आज यानी कि 19 जुलाई को पूरे हुए हैं 50 साल

New Delhi: कोष मूलो दंड। चाणक्य को इस वाक्य का अर्थ यह है कि धन ही राज्य की मूल शक्ति है। आसान भाषा में कहा जाय तो किसी भी राज्य या देश के लिये और वहां के नागरिकों के लिये सबसे जरूरी वस्तु पैसा या अर्थव्यवस्था ही होती है।

और हालिया समय में भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे देश के लिये अगर कोई जगह है,जो इसकी अर्थव्यवस्था को दिशा देने या निर्धारित करने का काम करती है,तो वह जगह है बैंक।

भारतीय बैंकिंग व्यवस्था की बात की जाय तो,यहां पर दो प्रकार के बैंक दिखाई देते हैं। पहला सेंट्रल बैंक यानी कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया।और दूसरा वाणिज्यिक बैंक। वाणिज्यिक बैंक वह बैंक हैं,जिनसे हमारा सामना अपनी रोज की जिंदगी में होता है।

लेकिन वाणिज्यिक बैंक जैसे कि SBI,PNB,या फिर इलाहाबाद बैंक वगैरह जिनसे हमारा अक्सर ही सामना होता रहता है,इनका यह स्वरूप हमेशा से ही इस तरह का नहीं था,जैसा हमको दिखाई देता है। भारतीय बैंकों का आज का यह स्वरूप समझने के लिये हमको थोड़ा सा पीछे इतिहास में जाना होगा।

साल 1969 तारीख 19 जुलाई यानी कि आज का दिन। यही वह तारीख है,जिसने भारतीय बैंकिंग सिस्टम को पूरी तरह से बदल कर रख दिया था। क्योंकि इसी तारीख को देश में पहली बार एक साथ 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था।

19 जुलाई 1969 को पहली बार देश की त्तकालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 14 बैंकों को राष्ट्रीयकृत करने का फैसला किया,और देश के बैंकिंग सिस्टम को और अर्थव्यवस्था को नया स्वरूप देने का पहला प्रयास किया।

1967 में इंदिरा गांधी ने एक दस सूत्रीय कार्यक्रम प्रस्तुत किया था। जिसमें कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण भी शामिल था।इसी कार्यक्रम के तहत एक ऑर्डिनेंस जिसे कि ‘बैंकिंग कम्पनीज आर्डिनेंस’ कहा गया उसके तहत 14 बड़े निजी बैंकों को सरकार ने अपने में मिला लिया था।

उस समय इन 14 सबसे बड़े निजी बैंकों के पास देश की 80 प्रतिशत पूंजी इकट्ठा थी। और निजी स्वामित्व होने के कारण इन बैंकों पर कुछ चंद पूंजीपतियों का ही प्रभाव था।

बैंकों के राष्ट्रायकरण के द्वारा इन बैंकों पर से निजी स्वामित्व और प्रभाव को हटाया गया और बैंकिंग सिस्टम को पूरा तरह से सरकारी बनाते हुए इसे आम जनते के लिये सुलभ बनाने का प्रयास भी किया था।

आज यानी कि 19 जुलाई के बैंकों के राष्ट्रीयकरण को 50 साल पूरे हो चुके हैं।फिलहाल हमारे देश में कुल 19 राष्ट्रीय बैंक हैं।