फिल्मों का वह बापू जो सेहत के लिए लाभदायक रहा

New Delhi: जी सिनेमा पर हर रविवार दोपहर दिखाई दे जाने वाले फिल्म इंडस्ट्री के संस्कारी बापूजी आज यानि 10 जुलाई को अपना 63 वां जन्मदिन मना रहे हैं। आलोकनाथ ने फिल्म इंडस्ट्री में तो अहम किरदार निभाए ही, साथ ही साथ टेलीविजन इंडस्ट्री पर भी महत्वपूर्ण पकड़ बनाए रखी।

शुरुआती जीवन

आलोकनाथ का जन्म बिहार के खगडिया में 10 जुलाई 1956 को हुुआ था। आलोक नाथ जी के पिता एवं दादाजी दोनों ही पेशे से डॉक्टर थे और उनके पिता को उनसे भी यही उम्मीद थी। आलोकनाथ को इस पेशे में बिलकुल भी रुचि नहीं थी और उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला कर किया।

करियर
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था 1982 में फिल्म गांधी से अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म को बेस्ट पिक्चर के लिए एकेडमी अवार्ड भी मिला। फिल्म में इनके किरदार का नाम तयेब मोहम्मद था। इसके बाद ‘अमर ज्योति’, ‘मशाल’, ‘सारांश’ और ‘आप की आवाज’ जैसी कई फिल्में की। उन्होंने पॉजीटिव से लेकर नेगेटिव रोल भी निभाए हैं। लेकिन सबसे ज्यादा इनके रोल विनम्र, सच्चे और डाउन- टू- अर्थ बापूजी वाले हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, हिंदी, मलयालम जैसी क्षेत्रीय भाषाओँ की फिल्मों में भी काम किया है।

आलोकनाथ की प्रसिध्दि की बात करें तो वह उनको राज श्री प्रोडक्शन की फिल्मों ने दी है। इनमें हम आपके हैं कौन, हम साथ- साथ हैं, मैंने प्यार किया, विवाह, ताल औप परदेश जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं। ‘बोल राधा बोल’, ‘विनाशक’ और ‘षड़यंत्र’ जैसी फिल्मों में आलोकनाथ ने नेगेटिव रोल निभाए हैं।

ये तो हुई आलोकनाथ की फिल्मों की बात। अब बात करते हैं उनके टीवी करियर की। ‘बुनियाद’, ‘भारत एक खोज’, ‘वो रहने वाली महलों की’, ‘सपना बाबुल का बिदाई’ और ‘यहां मैं घर -घर खेली’ सीरियलों में उन्होंने काम किया है। स्टार प्लस पर आने वाले शो ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में भी वह काम कर चुके हैं।

आलोकनाथ के संस्कारी बापूजी का किरदार दर्शकों के मन में इस तरह बैठ गया है कि लोग भूल जाते हैं कि उन्होंने रोमांस भरी फिल्में भी की हैं। कामाग्नि फिल्म में उन्होंने टीना मुनाम के साथ रोमांस किया।

जब आलोकनाथ रातोंरात बने सोशल मीडिया के ट्रेंडिंग टॉपिक

सोशल मीडिया पर कभी- कभी अजीबो गरीब बयीन देने वाले और कोई बड़ा कारनामा दिखाने वाले लोग अचानक से छा जाते हैं। जब तक ये बयान और न्यूज चर्चा में रहते हैं, तब तक वह इंसान भी ट्रेंड में बना रहता है। लेकिन आलोकनाथ ने बेवजह चर्चा में आने के बाद भी स्थाई लोकप्रियता पाई। आलोकनाथ के संस्कारी बापूजी के रूप पर लोगों ने चुटकुले और मीम्स बनाना शुरू कर दिया था। उन पर बना पहला चुटकुला था- ‘हमारे देश ने हार्ट अटैक के बारे में जो भी सीखा है, आलोकनाथ से सीखा है।’ उनके नाम से सैकड़ों फेसबुक पेज और ट्विटर अकाउंट बनाए गए।

मीटू के आ’रोप जिन्होंने आलोकनाथ के सिर से संस्कारी बापू का ताज छीना

मीटू अभियान से आलोकनाथ भी नहीं बच सके। उन पर राइटर और डायरेक्टर विंता नंदा ने दु’ष्क’र्म का संगीन आरोप लगाया था। एक फेसबुक पोस्ट के जरिए उन्होंने ये आ’रोप लगाए। इसके बाद एक्ट्रेस दीपिका अमीन ने भी उन पर आ’रोप लगाया था और कहा था कि इंडस्ट्री में सब जानते हैं कि आलोकनाथ शराबी हैं और महिलाओं का उ’त्पी’ड़न करते हैं।

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