भारत में बढ़ते वि’वादों के बीच Tik-Tok ने डिलीट किए 60 लाख से अधिक वीडियो

New Delhi: भारत में टिक-टॉक एप्प को लेकर बढ़ते वि’वादों के बीच चाइनीज वीडियो एप्प टिक-टॉक ने अपने प्लेटफॉर्म से लगभग 60 लाख से अधिक वीडियो को डिलीट कर दिया है। डिलीट होने वाले वीडियो किसी न किसी रूप में समाज में गलत संदेश फैला रहे थे। सांप्र’दायिक मुद्दों को बढ़ाने का काम कर रहे थे। इन वीडियो को हटाकर टिक-टॉक ने एक सही संदेश दिया है। इसने यह साफ कर दिया है कि इस तरह के व्यवहारों को किसी भी कीमत पर ब’ख्शा नहीं जाएगा।

टिक-टॉक का यह कार्य ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में इसे लेकर वि’वाद अपने चरम सीमा पर है। राष्ट्र वि’रोधी की भूमिका निभाने के लिए टिक-टॉक को सरकार ने नोटिस जारी किया था। कंटेट का इस्तेमाल बच्चों को भटकाने जैसे दर्जनों सवालों को लेकर टिक-टॉक से जवाब तलब किया गया था। टिक-टॉक इंडिया के निदेशक ( सेल्स इंड पार्टनरशिप) सचिन शर्मा ने इन विवादों पर सफाई देते हुए कहा कि सुरक्षित और सकरात्मक पर्यावरण बनाए रखने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

हम अपने यूजर्स को उनकी क्रिएटिविटी और टैलेंट दिखाने का पूरा मौका देते हैं। टिक-टॉक किसी भी ऐसे कंटेट को इंडोर्स और प्रमोट नहीं करती है जो कम्यूनिटी गाइडलाइन के खिलाफ हो। टिक-टॉक के जन्मदाता बीजिंग बाइटेनडेन्स टेक्नोलॉजी कंपनी ने कहा है कि भारत में टिक-टॉक के 20 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। हर दिन यूजर्स की संख्या और उनके बनाए कंटेट में ट्रैफिक की मात्रा में इजाफा देखा जा रहा है।

इन दिनों कंपनी को कम्यूनिटी गाइडलाइन के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। शर्मा ने कहा है कि जुलाई 2018 से इन गाइडलाइनों का उल्लं’घन करने वाले कंटेट को लगातार प्लेटफॉर्म से हटाया जा रहा है। आरएसएस से संबंधित जागरण मंच ने इसके खिलाफ शिका’यत दर्ज कराई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिख राष्ट्र वि’रोधी की भावना को जन्म देने के लिए इसपर कार्र’वाई करने की मांग की गई थी। आइटी मंत्रालय ने इस संबंध में सोमवार को इससे जवाब मांगा था।