यही संसार है- मां कोरोना से जंग जीत घर लौटी तो बेटा-बहू घर में ताला लगा फरार हो गये, भूख से तड़पी मां

New Delhi : जिस मां ने चलना सिखाया। जीना सिखाया। आगे बढ़ना सिखाया। उसी मां को जरूरत पड़ने पर दर बदर की ठोकरें खाने के लिये छोड़ दिया। हालत यह हो गई कि पुलिस को आकर हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस अफसरों ने बेटे-बहू की काउंसलिंग की। फिर जाकर मां को घर में ठिकाना मिला। बेटे-बहू के भाग जाने के बाद तीन दिनों तक पड़ोसियों ने महिला को खाना खिलाया और देखभाल की। पड़ोसियों ने ही इस बात की सूचना पुलिस को दी। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक ने पूरे घटनाक्रम का ब्योरा ट‍्वीट करते हुये लिखा- शर्मनाक है। हमें इस तरह से किसी बेटे को समझाना पड़ता है कि मां की देखभाल करो। ये समाज किधर जा रहा है?

खबर के मुताबिक तेलंगाना के निजामाबाद में कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद 65 वर्षीय एक महिला को उसके बेटे ने साथ रखने ने इनकार कर दिया। मां के अस्पताल से आने से पहले बेटा और बहू घर में ताला लगाकर कहीं चले गए। महिला तीन दिन तक घर के बाहर बैठी रही। पुलिस के मुताबिक महिला के पति ने दूसरी महिला से शादी कर ली। पति के छोड़ कर चले जाने के बाद वह बेटे के साथ रहती थी। मां और बहू की आपस में नहीं बनती थी। एक साल पहले उसे वृद्धाश्रम में भर्ती कराया गया।
वृद्धाश्रम में कोरोना के लक्षण मिलने के बाद सभी बुजुर्गों का टेस्ट कराया गया। टेस्ट में महिला भी पॉजेटिव पाई गई। उसके बाद महिला का इलाज कराया गया। महिला का इलाज कराने के बाद उसको घर भेज दिया गया। जब वह घर पहुंची तो बेटा और बहू घर में ताला जड़कर फरार हो गये। मां अपने घर के बाहर ही बैठी रही। पड़ोसियों ने उसका खान पान कराया। फिर किसी पड़ोसी ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी।
जब मामले के बारे में पुलिस को पता चला तो पुलिस के अफसरों ने बेटे से संपर्क किया। बेटे से बातचीत की। उसकी काउंसलिंग की। जिसके बाद बेटा मां को घर में रखने को तैयार हुआ। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक ने जब इस घटनाक्रम को ट‍्वीट किया तो यह वायरल हो गया। लोग भले अपने घरों में भी ऐसा ही करते हों लेकिन सोशल मीडिया पर बेटे की थू-थू करने लगे हैं।

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