एक दिन में हुआ था भगवान शिव के इस दिव्य मंदिर का निर्माण

भारत में अनेकों मंदिर है और हर मंदिर अपने आप में कुछ अनोख लिए है। आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं वो बेहद ही खास है क्योंकि ये मंदिर अधूरा है इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। ये मंदिर भोपाल से 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है इस मंदिर का नाम भोजेश्वर महादेव मंदिर है और ये दुनिया भर में भगवान शिव के प्रचलित मंदिरों में से एक है।

भगवान शिव का ये मंदिर कई मायनों में बहुत ही खास है इसकी एक बहुत बड़ी खासियत तो ये है कि मंदिर में एक बहुत ही बड़ी शिवलिंग लगी है हैरान करने वाली बात ये है कि उसका निर्माण एक ही पत्थर से किया गया है। शिवलिंग की ऊंचाई 18 फीट है। ये विश्व में अपनी तरह की इकलौती शिवलिंग है।

भारत में गुबंदीय आकार में इमारातों का निर्माण मुगलों के आने से पहले भी होता था इस बात ये मंदिर जीता-जागता सबूत है क्योंकि इस मंदिर की ऊपरी छत गुंबद के आकार में है।

इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि इसका निर्माण राजा भोज ने करवाया था। हालांकि जिस बात के लिय ये मंदिर सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है वो ये है कि आखिर इस ये मंदिर अधूरा क्यों है इस बारे में लोगों में ये मान्यता प्रचलित है कि इस मंदिर का निर्माण एक ही दिन में कराया जाना था लेकिन जैसे ही सुबह हुई मंदिर का निर्माण कार्य रोक दिया गया और आज भी मंदिर के प्रांगण में पड़े पत्थर इस बात का साफ प्रमाण देते हैं। इस मंदिर का दरवाजा भी बहुत ही खास है इसका दरवाजा किसी भी हिंदू इमारतों के दरवाजों में सबसे बड़ा है।

इस मंदिर के शिखर का निर्माण पूरा नहीं हो सका। इस मंदिर के कुल चार स्तंभ हैं जिस पर अधूरी छत टिकी हुई है ये खंभे 40 फीट के हैं ऐसे में ये सवाल भी उठता है कि उस समय में इतने भारी पत्थरों को भला किस तरह से इतनी ऊंचाई पर पहुंचाया गया होगा।