कभी पढ़ने को पैसे नहीं होते थे, आज हासिल कर ली रिकॉर्ड 145 डिग्रियां, 100 सबजेक्ट के हैं टीचर

New Delhi : जहां आज के विद्यार्थियों को ये रहता है कि कैसे भी करके अपनी पढ़ाई की हुई डिग्री मिल जाए और पढ़ाई लिखाई से छुट्टी मिले, लेकिन चेन्नई के प्रोफेसर वी.एन प्रतिभन इसके उलट ही सोचते हैं। प्रतिभन हमेशा ये सोचते हैं कि उनसे कोई डिग्री छूटी तो नहीं है। प्रतिभन अब तक 145 से ज्यादा डिग्रियां और डिप्लोमा हासिल कर चुके हैं और अभी भी वो पढ़ ही रहे हैं। प्रतिभन पेशे से प्रोफेसर हैं लेकिन उन्होंने अपना पूरा जीवन विद्यार्थी बने हुए गुजार दिया। उनका कहना है कि विद्यार्थी बने रहने से सीखना जारी रह पाता है। आज जो प्रतिभन 145 डिग्रियों के मालिक हैं उनके पास बचपन में कभी पढ़ने को पैसे नहीं हुआ करते थे लेकिन जब पैसे जुटे तो ऐसा पढ़े कि पढ़ने के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले।

प्रोफेसर प्रतिभन 57 साल के हैं। वे चेन्नई के एक कॉलेज में कई सब्जेक्ट पढ़ाते हैं। उनके पास 12 एम.फिल डिग्री, 9 एम.बी.ए डिग्री, 8 एम.एल डिग्री, 10 एम.ए डिग्री, 8 एम.कॉम डिग्री और 3 एम.एस.सी डिग्री के अलावा 50 से ज्यादा पीजी डिप्लोमा है। प्रोफेस कहते हैं कि मैं कभी खाली नहीं बैठता। संडे को जब लोग छुट्टी मना रहे होते हैं तब प्रतिभन किसी न किसी सब्जेक्ट की परीक्षा दे रहे होते हैं। नौकरी के बाद उन्होंने अपने सारे रविवार परीक्षा देते हुए ही बिताए हैं। लेकिन उन्हें अपनी पहली डिग्री लेने के लिए ही बड़ा संघर्ष करना पड़ा। वो एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैंं। जहां उन्हें कभी पढ़ने के लिए भी बहुत संघर्ष करना पड़ा।
लेकिन आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि किसी भी कोर्स या डिग्री को लेने से न चूकने वाले प्रतिभन को गणित विषय से बड़ा डर लगता है। इसलिए वो ऐसे कोर्स और विषयों से दूर रहते हैं जिनमें गणित होता है। वे 100 से ज्यादा विषयों के टीचर हैं। सफल और हंसमुख पार्थीबन अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी को देते हैं जो पूरे परिवार को संजो कर रखती हैं। उनकी पत्नी एक बैंक में नौकरी करती हैं और उनके पास भी 9 शैक्षिक डिग्रियां हैं। इतनी डिग्रियों के बाद भी प्रोफेसर पार्थीबन रुकना नहीं चाहते। वो बताते हैं मेरी अभी आगे और डिग्रियां लेने की योजना है।

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