सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कमी नहीं है : केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद

New Delhi: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज लोकसभा सत्र के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कमी नहीं है। न्यायाधीशों की कमी से जूझ रहे सुप्रीम कोर्ट पर उन्होंने अपनी सफाई पेश की है। 2009 के बाद पहली बार 31 न्यायाधीशों के साथ सुप्रीम कोर्ट अपनी पूरी ताकत पर पहुंच गया है। हालांकि, 1 जुलाई 20 19 को उच्च न्यायालयों में 403 रिक्तियां हैं।

उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति एक चलने वाली प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में कार्यपालिका और न्यायपालिका को एक साथ कदम मिलाकर चलना होता है। इन दोनों के आपसी मदद से ही न्यायाधीशों की नियुक्ति संभव हो पाती है। विभिन्न संवैधानिक प्राधिकरणों के सलाह के बिना यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती है। हर स्तर पर इनके सलाह और सहमति की आवश्यकता होती है।

न्यायिक सेवाओं में आरक्षण के प्रस्ताव पर कानून मंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 235 के तहत, राज्यों के जिला सदस्यों और उसके अधीन न्यायपालिका पर प्रशासनिक नियंत्रण संबंधित उच्च न्यायालय के पास रहता है। उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रस्ताव मुख्य न्यायाधीश के साथ निहित है। राज्य उच्च न्यायालय के साथ सलाह कर राज्य में न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति, पदोन्नति, आरक्षण आदि के संबंध में नियम बनाते हैं।

केंद्र सरकार की इस क्षेत्र में भूमिका पर कानून मंत्री ने साफ तौर पर इनकार किया है। हाल ही में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री को खत लिखकर सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की मांग की थी।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री को खत लिख दो संवैधानिक संशोधनों का किया अनुरोध