फिर बढ़े तेल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल 79.99 रुपये प्रति लीटर पहुंचा, मुंबई में पेट्रोल 90 के करीब

New Delhi : दिल्ली में 6 सितंबर को पेट्रोल के कीमत 79.51 रुपये थी जबकि डीजल 71.55 रुपये थी। ऐसा लग रहा है जैसे पैट्रोल इस बार 100 के पार चला जाएगा।
दिल्ली में पेट्रोल के दाम 79.99, चैन्नई में 83.13, कोलकाता में 82.88 जबकि मुंबई में पेट्रोल 87.39 रुपये हो गया है। जबकि डीजल दिल्ली में 72.07 रूपये, चैन्नई में 83.13 रुपये, कोलकाता में 74.92 रुपये और मुंबई में 76.51 रुपये हो गया है। कल तक कीमते मुंबई में लगभग 90 के पार पहुंच जाएगी। वहीं दूसरी और पटना में पेट्रोल 85.78 रुपये साथ ही डीजल 76.95 से 77.22 रुपये हो गया है। जयपुर में आज 52 पैसे बढ़कर 82.72 रुपये और डीजल 75.99 रुपये से 76.50 रुपये हो गए हैं। भोपाल में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं आया है पेट्रोल 85.32 रुपये लीटर और डीजल 75.45 रुपये लीटर है।

पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी होना क्या दूसरी पार्टियों को सियासी मौका दे रहा है। पेट्रोल और डीजल के दामों के बढ़ने के चलते लोग परेशान हैं, क्योंकि मध्यम वर्गीय परिवारों का सारा बजट ही बिगड़ गया है। हाल ही में RTI से खुलासा हुआ था कि भारत कम कीमत में पेट्रोल और डीजल विदेशों में बेचता है लेकिन जहाँ अपने ही देश की बात आती है। वहां सरकार मंहगाई कम करने का नाम नहीं ले रही है।

RTI में खुलासा हुआ है कि भारत आधी कीमत पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई तेल मॉरीशस और मलेशिया को कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, यूएई को पेट्रोल 33.84/लीटर पर एक्सपोर्ट किया जा रहा है। भारत मॉरीशस को 36.30/लीटर पेट्रोल और 37.06/ लीटर पर डीजल देता है। सिंगापुर को 38.31/लीटर, हांगकांग को 38.26/लीटर और मलेशिया को 36.08/लीटर को एक्सपोर्ट किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सरकारें एक्साइज़ ड्यूटी और वैट घटा देती है तो पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो सकते हैं। यदि सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में ले आती हैं तो भी कीमतें कम हो सकती है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि जल्दबाज़ी में कोई भी फैसला लेने की जरूरत नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बदलाव दर्ज की गई है. कभी कीमतें ऊंची गईं हैं तो कभी नीचे हुई।

प्रश्न ये भी है कि सरकार अपने ही देश में कीमते कम क्यों नहीं कर रही है। या ये कहें कि सरकार जनता की परेशानियों की कम करने की बजाय बढ़ाये जा रही है। जैसा कि अगले साल चुनाव आने वाले हैं। बीजेपी पर इसका असर पड़ने के असर पड़ सकता हैं।गौर करने वाली बात ये है कि भारतीय करेंसी में भी गिरावट आई जिसके चलते विपक्षी दलों के चलते काफी शोरशराबा देखा गया। इस कारण महंगाई आसमान छू रही है। जनता की जेब ढीली हो रही है। लेकिन इस महंगाई को कम करने में सरकार नाकान नज़र आ रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *