जानिए बजट कैसे बनाया जाता है

New Delhi: यूनियन बजट प्रत्येक वित्तीय वर्ष में बनाया जाने वाला एक वार्षिक प्रतिवेदन है जो उस वित्तीय वर्ष में भारत सरकार के होने वाले आय एवं खर्चों को बतलाता है।

आइए देखते है बजट कैसे बनाया जाता है-

1. बजट बनाने की प्रक्रिया अगस्त – सितंबर से ही प्रारंभ हो जाती है। वित्त मंत्री एवं वित्त मंत्रालय के अधिकारी निजी क्षेत्र के और अन्य गैर राजकीय संस्थाओं के साथ मीटिंग करना प्रारंभ करते हैं जिससे बजट में उनकी क्या अपेक्षाएं है पता चल सके और फीडबेक मिल सके।
2. बजट प्रभाग सरकार के सभी ख़र्चे करने वाले मंत्रालयों को एक वार्षिक बजट सरकूलर जारी करता है और उनसे उनके विभागों के बजट Estimates मांगता है।
3. उसके बाद वित्त मंत्रालय अनुमान लगाता है कि उसके पास योजना खर्चों के लिए अगले वित्त वर्ष के लिए कितना पैसा मौजूद है।
4 इसके बाद योजना एवं गैर योजना के खर्चों का अंतिम अनुमान तैयार किया जाता है साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष के संशोधित अनुमान भी तैयार किए जाते हैं।
5.अगला चरण होता है कि खर्चों को पूरा करने के लिए पैसों की व्यवस्था कहा से होगी? इसके लिए मंत्रालय अपने-अपने विभागों के अनुमान देते हैं कि उनके विभागों की अर्निंग अगले वित्त वर्ष में क्या रहेगी।
6. बजट टीम बजट प्रस्तावों के आंकड़ों को एकत्रित कर फाइनल बजट बनाती है।
7. हलवा सेरीमनी के साथ बजट की प्रिंटिंग प्रारंभ होती है।
8. आर्टिकल 117(1)एवं 117(3) के तहत राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लोकसभा में बजट को मंजूरी के लिए रखा जाता है।

इसके बाद Budget को संसद मे पांच चरणों से गुजरना पड़ता है।

वो 5 चरण कौनसे है पढ़िए-

http://जानिए Union Budget के संसद में बिल बनने तक की जर्नी