मंत्री के सपोर्टर बिना मास्क कर्फ्यू में घूम रहे थे- सुनीता ने रोका, अफसर ने टोका तो दे दिया इस्तीफा

New Delhi : देशव्यापी लॉकडाउन अब हट चुका है। पर अभी भी कुछ पाबंदियां देशभर में लागू हैं। जैसे रात का कर्फ्यू। कई राज्यों ने प्रभावित इलाकों में पाबंदियों को सख्त कर दिया है। गुजरात के सूरत में भी रात के वक्त कर्फ्यू है। कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये पुलिस और प्रशासन मुस्तैद भी है। पुलिस के जवान अपनी जान पर खेलकर लोगों को इस महामारी से लड़ने में मदद कर रहे हैं।

बहरहाल सूरत में एक ऐसा मामला आया है, जहां राज्य सरकार के एक मंत्री के समर्थकों ने पुलिस को नीचा दिखाया और जवानों को औकात बताई। यही नहीं नेताओं के इस काम में पुलिस के अफसर ने भी इसमें नेताओं का ही साथ दिया और अपने जवानों को समझा बुझाकर घर भेज दिया। अब ये बात के एक पुलिसवाली को बहुत चुभ गई और उसने फैसला किया कि वो अब पुलिस की नौकरी नहीं करेगी। उसने इस्तीफा दे दिया है।
गुजरात का सूरत राज्य में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से है। यहां लगातार मामले बढ़ रहे हैं और इसे देखते हुये ही जिले में ज्यादा सख्ती है। हालांकि इसका असर कुछ लोगों पर नहीं दिखा और ऐसे कुछ लोगों में शामिल हैं राज्य सरकार के स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानानी के समर्थक।

रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार देर रात सूरत के वराछा इलाके में मंत्री के कुछ समर्थक सरकारी नियमों और दिशानिर्देशों का खुलेआम उल्लंघन करते दिखे। ये लोग कर्फ्यू के बावजूद बिना मास्क लगाये घूम रहे थे। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी सुनीता यादव ने इन लोगों को इस तरह बाहर घूमने पर टोका। पुलिसकर्मी ने इन समर्थकों से कई सवाल पूछे, जिससे खफा इन समर्थकों ने मंत्री के बेटे को फोन कर बुला लिया।

पुलिसकर्मी ने इसके बावजूद अपने सीनियर अधिकारी को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी, लेकिन राज्य मंत्री का नाम आते ही अधिकारी ने उस पुलिसकर्मी को घर जाने का आदेश दिया और उन्हें वापस अपने घर जाना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना के बाद सुनीता यादव ने पुलिस सेवा को छोड़ने का फैसला किया और इस्तीफा दे दिया। इस मामले के सामने आने के बाद सूरत के कमिश्नर ने जांच के आदेश दे दिये हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

83 + = ninety